Samachar Nama
×

सोना मोहपात्रा ने उत्कल दिवस पर अपनी जड़ों को किया नमन

मुंबई, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। मशहूर गायिका सोना मोहपात्रा ने अपनी दमदार आवाज से दुनियाभर में सुर्खियां बटोरी हैं। गायिका ने उत्कल दिवस के अवसर पर ओडिशा में अपनी जड़ों को दिल से नमन किया और राज्य की समृद्ध कलात्मक विरासत को उजागर किया।
सोना मोहपात्रा ने उत्कल दिवस पर अपनी जड़ों को किया नमन

मुंबई, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। मशहूर गायिका सोना मोहपात्रा ने अपनी दमदार आवाज से दुनियाभर में सुर्खियां बटोरी हैं। गायिका ने उत्कल दिवस के अवसर पर ओडिशा में अपनी जड़ों को दिल से नमन किया और राज्य की समृद्ध कलात्मक विरासत को उजागर किया।

सोना ने अपने इंस्टाग्राम पर अपनी एक तस्वीर पोस्ट की। इस तस्वीर के साथ उन्होंने अपनी कला की जड़ों का खुलासा किया। उन्होंने लिखा, "यह है रघुराजपुर, मेरे राज्य ओडिशा का एक कलाकार गांव। यहां कला को सिर्फ बनाया नहीं जाता बल्कि यह पीढ़ी दर पीढ़ी विरासत में मिलती है। मैं इसी पवित्र धरती से आई हूं, जहां कला कोई रोजगार नहीं बल्कि एक प्रार्थना और भक्ति है।"

सोना ने बताया कि रघुराजपुरा गांव में हर घर एक छोटी कार्यशाला जैसा है। यहां कई कलाकार राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके हैं। हर कलाकार सदियों पुरानी परंपराओं का संरक्षक हैं। पतचित्रा, मूर्तिकला और अन्य पारंपरिक कलाओं को ये लोग जीवित रखे हुए हैं।

उत्कल दिवस (ओडिशा स्थापना दिवस) के मौके पर सोना ने अपनी जड़ों को नमन किया। उन्होंने लिखा, "ओडिशा की इस धरती पर कला में बेजोड़ कौशल, विस्तार, अनुशासन और आत्मा दिखती है। यहां हम सिर्फ सुंदरता को नहीं अपनाते, बल्कि खुद सुंदरता बन जाते हैं।"

सोना ने इस पोस्ट के साथ एक खास गीत नीलमणि भी ऐड किया। गायिका ने गीत के बारे में भी बताया। उन्होंने लिखा, "इस गीत को मैंने और रामसंपथ ने मिलकर रिलीज किया। यह सांबलपुरी बोली में हैं और कृष्ण भगवान के प्रति एक भक्ति गीत है।

रघुराजपुर, ओडिशा के पुरी जिले में स्थित एक प्रसिद्ध विरासत शिल्प ग्राम है, जहां के हर घर में कलाकार निवास करते हैं। यह मुख्य रूप से पारंपरिक पट्टाचित्र चित्रकारी, सनकी, मूर्तियां और अन्य पारंपरिक कला के लिए जाना जाता है। कई पीढ़ियों से ये कलाकार अपनी कला को संभालते आ रहे हैं।

यह गांव ओडिसी नृत्य का पूर्ववर्ती, प्रसिद्ध 'गोतिपुआ' नृत्य मंडलों का केंद्र भी है। यह पुरी-भुवनेश्वर राजमार्ग पर चंदनपुर के पास स्थित है, जो पुरी से लगभग 14 किमी दूर है।

--आईएएनएस

एनएस/पीएम

Share this story

Tags