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सोमनाथ मंदिर से निकली भव्य यात्रा, श्रद्धालु बोले- अद्भुत नजारा, भक्तिमय हुआ वातावरण

सोमनाथ, 9 जनवरी (आईएएनएस)। गुजरात के सोमनाथ मंदिर में 'स्वाभिमान पर्व' के तहत शुक्रवार शाम छह बजे साधु-संतों की भव्य यात्रा निकाली गई। यह सोमनाथ में पहली बार आयोजित की गई रेवड़ी यात्रा थी, जिसे महाशिवरात्रि और महाकुंभ मेले की परंपरागत यात्राओं की तर्ज पर संपन्न किया गया।
सोमनाथ मंदिर से निकली भव्य यात्रा, श्रद्धालु बोले- अद्भुत नजारा, भक्तिमय हुआ वातावरण

सोमनाथ, 9 जनवरी (आईएएनएस)। गुजरात के सोमनाथ मंदिर में 'स्वाभिमान पर्व' के तहत शुक्रवार शाम छह बजे साधु-संतों की भव्य यात्रा निकाली गई। यह सोमनाथ में पहली बार आयोजित की गई रेवड़ी यात्रा थी, जिसे महाशिवरात्रि और महाकुंभ मेले की परंपरागत यात्राओं की तर्ज पर संपन्न किया गया।

इस ऐतिहासिक यात्रा में दिगंबर साधुओं समेत बड़ी संख्या में साधु-संत शामिल हुए, जिसने 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' को भव्य और दिव्य स्वरूप प्रदान किया।

यात्रा सोमनाथ नगरी के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहां श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर साधु-संतों का स्वागत किया। हर ओर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष गूंजते रहे और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि सोमनाथ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गौरव को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।

मुंबई से आए श्रद्धालु दिलीप ठाकुर ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि सोमनाथ आकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है और उन्हें गर्व है कि वे स्वाभिमान पर्व का हिस्सा बन पाए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन के कारण अगले दिन कई रास्ते बंद रहने वाले हैं, इसलिए वे एक दिन पहले ही यहां पहुंच गए। उन्होंने मंदिर परिसर में उपलब्ध सुविधाओं और सुगम दर्शन व्यवस्था की भी सराहना की।

वहीं, श्रद्धालु श्वेता ठाकुर ने कहा कि यहां का वातावरण बेहद भक्तिमय हो गया है, हालांकि उन्हें इस बात का दुख है कि अहिल्याबाई होल्कर द्वारा निर्मित मंदिर का स्वरूप नहीं देख सकीं। इसके बावजूद उन्होंने आयोजन और माहौल की प्रशंसा की।

सोमनाथ मंदिर के तीर्थ पुरोहित ने कहा कि यह बताते हुए उन्हें अत्यंत आनंद हो रहा है कि सोमनाथ जी का भव्य और दिव्य स्वरूप आज जिस रूप में दिखाई देता है, वह प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि मंदिर की आस्था और एकता को अखंड बनाए रखने के लिए पूर्वजों ने जो बलिदान दिए थे, उन्हें एक हजार वर्ष पूरे हो चुके हैं और आज भी सोमनाथ लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है।

एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि स्वाभिमान पर्व के आयोजन से सोमनाथ का माहौल पूरी तरह बदल गया है। प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से यहां पर्यटन और धार्मिक महत्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

गुजरात से आई एक महिला श्रद्धालु ने कहा कि यहां के भव्य नजारों को शब्दों में बताना संभव नहीं है। उन्होंने कहा, “निश्चित ही मोदी हैं तो मुमकिन है। मैंने अपने जीवन में ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा। यहां आकर मैं खुद को धन्य महसूस कर रही हूं।”

बरेली से आए श्रद्धालु शोभित अग्रवाल ने भी आयोजन की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत किए गए प्रबंध और आयोजन सराहनीय हैं और जितनी तारीफ की जाए, कम है।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम

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