सोमनाथ अमृत महोत्सवः उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने प्रधानमंत्री के दौरे से पहले की तैयारियों की समीक्षा
गिर सोमनाथ, 10 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 मई को 'सोमनाथ अमृत महोत्सव' के मौके पर पहले ज्योतिर्लिंग सोमनाथ के प्रांगण में आने वाले हैं। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने पर 11 तीर्थस्थलों के जल से विशेष कुंभाभिषेकम किया जाएगा। पांच फुट ऊंचे एक पात्र को क्रेन की सहायता से मंदिर के शिखर तक पहुंचाया जाएगा। रविवार को इसका पूर्वाभ्यास किया गया।
वहीं, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की, जिसमें नियोजित रोड शो और जनसभा शामिल थी। उपमुख्यमंत्री ने सोमनाथ मंदिर में व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया।
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जामनगर पहुंच गए हैं। जामनगर में समाज के हर वर्ग और समुदाय के लोग प्रधानमंत्री के भव्य स्वागत की तैयारी में जुटे हैं।"
जूनागढ़ रेंज के डीआईजी राजेंद्र सिंह चुडासमा ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी का रोड शो लगभग 1.5 किलोमीटर का होगा। इसमें लगभग 30-40 हजार लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। वहीं, रैली में भी लगभग 40 हजार लोगों के आने की उम्मीद है। कुल मिलाकर 1 लाख से अधिक लोगों के इकट्ठा होने की संभावना है।"
सोमनाथ अमृत महोत्सव के लिए प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से पहले विभिन्न राज्यों के 200 से अधिक पारंपरिक ढोल वादकों ने भगवा रंग की वेशभूषा में ढोल और शहनाई की जीवंत प्रस्तुतियां दीं।
एक नृत्यांगना ने कहा, "हम बहुत उत्साहित हैं कि प्रधानमंत्री मोदी हमसे मिलने आ रहे हैं। हम उनका स्वागत करेंगे, जिसका हमने आज अभ्यास किया है।"
वहीं, वरिष्ठ पत्रकार भास्कर वैद्य ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "आज मैं 85 वर्ष का हो गया हूं। जब सोमनाथ महादेव मंदिर का उद्घाटन हुआ था, तब मैं लगभग 10-11 वर्ष का था। मैं समझ सकता था और मुझे याद है। यही मेरी समझ थी। मैं अपने परिवार की उंगलियां पकड़कर इस समारोह में आया था। उस समय का माहौल ऐसा था कि बयां करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं।"
वहीं, जामनगर के लाल बंगले में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी के आगमन को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए पश्चिम बंगाल और देश के अन्य राज्यों से आए लोग लाल बंगला सर्कल पर बड़ी संख्या में मौजूद थे। पारंपरिक वेशभूषा, देशभक्ति के नारों और सांस्कृतिक रंगों से पूरा वातावरण देशभक्ति से गूंज उठा।
--आईएएनएस
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