सोची समझी साजिश के तहत दिल्ली में दिया गया था हिंसा को अंजाम: कपिल मिश्रा
नई दिल्ली, 5 जनवरी (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली दंगा मामले में आरोपी शरजील इमाम और उमर खालिद को जमानत देने से इनकार कर दिया। इसके बाद दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि दोनों को जमानत नहीं मिलने से यह साफ जाहिर हो रहा है कि दिल्ली में सोची समझी साजिश के तहत हिंसा को अंजाम दिया गया था, यह कोई अचानक से नहीं हुआ था, बल्कि सुनियोजित तरीके से किया गया था।
कपिल मिश्रा ने सोमवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि देश के लोगों को सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली पुलिस की तरफ से की गई जांच रिपोर्ट को पढ़ना चाहिए ताकि उन्हें पता लग सके कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में किस तरह से सोची-समझी साजिश के तहत दंगे को अंजाम दिया गया था। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि पूरे देश ने देखा है कि किस तरह से दिल्ली दंगे में शामिल आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण दिया गया और किस तरह से वकीलों की एक बड़ी जमात उनके पक्ष में खड़ी कर दी गई। ये लोग इन आरोपियों को बचाने के लिए कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा रहे थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने आज शरजील इमाम और उमर खालिद की जमानत पर एक साल की रोक लगा दी।
कपिल मिश्रा ने ‘शीशमहल’ को लेकर कहा कि विधानसभा में सीएजी रिपोर्ट पेश होने से यह साफ हो पाएगा कि कितने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ था। दिल्ली के लोगों से कुछ भी नहीं छुपाया जा सकता है।
इसके अलावा, दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने आरोप लगाया कि शरजील इमाम ने इस देश को तोड़ने का काम किया, जो कि पूरी तरह से अनुचित है। यहां तक कि कई राजनीतिक दल के लोगों ने उनके साथ मंच भी साझा किया है। लिहाजा, अब ऐसे लोगों को सामने आकर माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान, शरजील इमाम के साथ मंच पर देखे जा चुके हैं, इसलिए आज उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
साथ ही, आशीष सूद ने दावा किया कि हमें अपने सूत्रों से यह जानकारी मिली है कि आम आदमी पार्टी में बगावत है। वहां पर एकजुटता नहीं है। पार्टी के नेताओं में फूट है। लोगों में तालमेल का अभाव है। पूरी दुनिया जानती है कि मौजूदा समय में आम आदमी पार्टी में क्या स्थिति बनी हुई है।
वहीं, ‘आप’ विधायक गोपाल राय ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण को लेकर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जिस तरह से आम लोगों को प्रदूषण से समस्याओं का सामना करना पड़ा, वो दुर्भाग्यपूर्ण है। यह दुखद है कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर बातचीत नहीं करना चाहती। आज की तारीख में दिल्ली में प्रदूषण एक विकराल समस्या बन चुकी है। सरकार ने इस संबंध में किसी भी प्रकार का संतोषजनक कदम नहीं उठाया। स्थिति ऐसी बन गई कि दिल्ली की जनता को दमघोंटू वातावरण में सांस लेने के लिए बाध्य होना पड़ा। आखिर इसका जिम्मेदार कौन है? सरकार को इस संबंध में यथाशीघ्र अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
गोपाल राय ने कहा कि निश्चित तौर पर यह कहना गलत नहीं होगा कि दिल्ली सरकार लोगों को साफ वातावरण देने में पूरी तरह से विफल साबित हुई है। इस संबंध में सरकार को विधानसभा में जवाब देना चाहिए ताकि पूरी वस्तुस्थिति स्पष्ट हो सके।
उन्होंने पंजाब में कानून व्यवस्था को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पहले पंजाब में खुलेआम नियमों की अवहेलना की जाती थी, लेकिन आज ऐसा नहीं है। आज की तारीख में पंजाब में स्थिति पूरी तरह से बदल चुकी है और इसका पूरा श्रेय वहां की सरकार को जाता है।
--आईएएनएस
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