गांधीनगर में निर्माणाधीन मॉल का स्लैब गिरा, फुटेज में देंखे 15 मजदूर घायल; 100 टन से ज्यादा मलबा हटाने का काम जारी
गुजरात की राजधानी गांधीनगर के पास कुडासन इलाके में बुधवार रात बड़ा हादसा हो गया। निर्माणाधीन कमर्शियल मॉल का एक हिस्सा अचानक गिरने से कई मजदूर मलबे में दब गए। हादसा रात करीब 9 बजे हुआ। शुरुआती जानकारी में इसे क्रेन गिरने की घटना बताया गया था, लेकिन बाद में सामने आया कि हादसा निर्माणाधीन इमारत के स्लैब के गिरने से हुआ।यह घटना 'बॉस्की द एंपायर' कमर्शियल मॉल प्रोजेक्ट में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दो बिल्डिंगों को जोड़ने के लिए स्लैब का निर्माण किया जा रहा था। इसी दौरान भारी भरकम स्लैब अचानक नीचे गिर गया, जहां कई मजदूर काम कर रहे थे।
15 मजदूर घायल, कुछ ICU में भर्ती
गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी ने हादसे की जानकारी देते हुए ताया कि इस घटना में 15 मजदूर घायल हुए हैं। इनमें से कुछ की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें ICU में भर्ती कराया गया है। वहीं तीन मजदूरों को मामूली चोटें आई हैं।हादसे के बाद प्रशासन, पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया। भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम जारी है।
100 टन से ज्यादा वजन का था स्लैब
हादसे के चश्मदीदों का दावा है कि जो स्लैब गिरा, उसका वजन 100 टन से ज्यादा था। इतना भारी मलबा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी सावधानी बरती जा रही है।साइट मैनेजर ने दावा किया है कि अब मलबे के अंदर कोई मजदूर फंसा हुआ नहीं है। हालांकि प्रशासन ने साफ किया है कि जब तक पूरा मलबा हटाकर जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक राहत अभियान जारी रहेगा।
पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष करवा रहे थे प्रोजेक्ट
जानकारी के मुताबिक, यह कमर्शियल मॉल प्रोजेक्ट पेठापुर नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष नीलेश मोदी द्वारा बनवाया जा रहा था। हादसे के समय नीलेश मोदी अपनी बेटी बॉस्की की शादी के सिलसिले में अमेरिका के शिकागो में मौजूद हैं।घटना के बाद निर्माण कार्य की सुरक्षा व्यवस्था और गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
निर्माण स्थलों की सुरक्षा पर उठे सवाल
गुजरात में निर्माणाधीन इमारतों में हादसों की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। इस हादसे ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा, गुणवत्ता मानकों और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद हादसे की वास्तविक वजह सामने आएगी और अगर किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल रेस्क्यू टीम मलबा हटाने और स्थिति को पूरी तरह सुरक्षित करने में जुटी हुई है।

