Samachar Nama
×

सिरसा का पंजाब सरकार पर हमला, बोले- नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को बनाया जा रहा निशाना

सिरसा का पंजाब सरकार पर हमला, बोले- नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को बनाया जा रहा निशाना
सिरसा का पंजाब सरकार पर हमला, बोले- नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को बनाया जा रहा निशाना

नई दिल्‍ली, 17 अक्‍टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए चल रही बैठकों, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ चर्चा और एक एक्टिविस्ट की हत्या पर पंजाब के डीजीपी से जवाब मांगने के लिए गृह मंत्रालय की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी।

पंजाब में ड्रग्‍स के खिलाफ मुहिम में हाल ही में हुई हत्‍याओं को लेकर गृह मंत्रालय के नोटिस जारी करने पर प्रत‍िक्रिया देते हुए मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, "गृह मंत्रालय का यह नोटिस बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि पंजाब देश का इकलौता ऐसा राज्य है जहां नशे की समस्या को रोकने की कोशिश करने वालों की हत्या की जा रही है। नशा विरोधी कार्यकर्ताओं की हत्या की जा रही है, उन्हें जेल भेजा जा रहा है, उन पर एफआईआर दर्ज की जा रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। "

उन्‍होंने कहा कि देश में पंजाब ही ऐसा राज्य है। अन्य राज्यों में, जहां नशीले पदार्थों की समस्या है। हमने सुना है कि नशा तस्करों या ड्रग माफिया के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, लेकिन नशा विरोधी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई पहली बार पंजाब में हो रही है। इसी कारण गृह मंत्रालय ने इस पर जानकारी मांगी है और यह बहुत अहम है। एक प्रमुख कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद, उनके परिवार ने अभी तक उनका अंतिम संस्कार नहीं होने दिया है। उनका मानना ​​है कि इसमें सरकार का सीधा हाथ है और डीजीपी तथा मुख्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए, पंजाब में इस समय यह एक बहुत बड़ा मुद्दा है।

मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा कहते हैं, "शनिवार को दिल्‍ली-एनसीआर में प्रदूषण से जुड़े एक 'इनोवेशन चैलेंज' को लेकर संबंधित लोगों के साथ एक बैठक हुई। इसमें चर्चा की गई कि कौन-से नए नवाचार मौजूद हैं और किन नए उपायों से दिल्ली के प्रदूषण से निपटा जा सकता है। इस बैठक से कई अच्छे सुझाव सामने आए। मेरा मानना ​​है और आज की चर्चा में यह बात भी आई कि श्मशान घाटों पर होने वाले प्रदूषण को कैसे शून्य तक लाया जा सकता है या उत्सर्जन को 95 प्रतिशत से अधिक कैसे कम किया जा सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि इसी तरह, 'हाइपर-सेंसर' (हवा की गुणवत्ता मापने वाले सेंसर) के मामले में, हमारे पास सरकारी सिस्टम के साथ-साथ अब सस्ते सेंसर भी उपलब्ध हैं। यह एक ऐसी तकनीक है, जिसके जरिए हम बहुत ही सटीक और स्थानीय स्तर पर यह जानकारी जुटा सकते हैं कि प्रदूषण का स्रोत क्या है और यह कहां से आ रहा है।"

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम

Share this story

Tags