एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर भाजपा ने विपक्ष को घेरा, कहा-गलती स्वीकार करे विपक्ष
नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस)। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भाजपा ने विपक्ष पर हमला तेज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर प्रक्रिया को पूरी तरह संवैधानिक बताते हुए चुनाव आयोग को नागरिकता जांच का अधिकार दिया है। इस फैसले का स्वागत करते हुए भाजपा नेताओं ने विपक्ष से माफी मांगने और झूठे प्रचार बंद करने की मांग की है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर प्रक्रिया को संवैधानिक ठहराया है और स्पष्ट किया है कि चुनाव आयोग के पास नागरिकता की जांच करने का अधिकार है। यह लोकतंत्र के लिए बहुत जरूरी फैसला है। वोटर लिस्ट साफ और सही होनी चाहिए। मृत लोग या दूसरे राज्यों में चले गए लोगों के नाम पर वोट नहीं डाले जाने चाहिए। ऐसी हरकतें लोकतंत्र को कमजोर करती हैं।"
भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने विपक्ष को कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने कहा, "जो लोग यह नैरेटिव चला रहे थे कि चुनाव आयोग भ्रष्ट है, वोट चोरी में शामिल है या पक्षपाती है, उन्हें कोर्ट से कड़ी फटकार मिली है। अब उन्हें अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए।"
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विपक्षी नेताओं को ऐसे बयान देना बंद कर देना चाहिए। उन्हें इससे सबक लेना चाहिए और चुनाव आयोग तथा एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ झूठा प्रचार बंद करना चाहिए। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसकी शक्तियां संविधान के तहत सुरक्षित हैं।"
बिहार में मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा, "मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करता हूं और देश के सभी नागरिक भी इसका सम्मान करते हैं। जो लोग इस फैसले से आहत हैं, वे भारत के सच्चे नागरिक नहीं हैं। वे किसी न किसी तरह घुसपैठ के जरिए यहां आए हैं।"
चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई एसआईआर प्रक्रिया का मकसद फर्जी वोटरों, मृत व्यक्तियों और दोहरे नामों को मतदाता सूची से हटाना है। भाजपा का कहना है कि यह प्रक्रिया स्वच्छ और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करेगी।
--आईएएनएस
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