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सिल्वर स्क्रीन पर बहनें और असल में अजनबी, नंबर-1 बनने की होड़ ने जया प्रदा और श्रीदेवी को बनाया 'दुश्मन'

मुंबई, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। 80 के दशक में हिंदी सिनेमा पर दो बड़ी अभिनेत्रियों का राज था, जो पर्दे पर सगी बहनों और त्याग की मूरत बनकर दर्शकों का दिल पिघला रही थी, लेकिन असल जिंदगी में एक-दूसरे से एक शब्द भी नहीं कहती थी।
सिल्वर स्क्रीन पर बहनें और असल में अजनबी, नंबर-1 बनने की होड़ ने जया प्रदा और श्रीदेवी को बनाया 'दुश्मन'

मुंबई, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। 80 के दशक में हिंदी सिनेमा पर दो बड़ी अभिनेत्रियों का राज था, जो पर्दे पर सगी बहनों और त्याग की मूरत बनकर दर्शकों का दिल पिघला रही थी, लेकिन असल जिंदगी में एक-दूसरे से एक शब्द भी नहीं कहती थी।

हम बात कर रहे हैं जया प्रदा और श्रीदेवी की। दोनों ने ही दक्षिण सिनेमा से बॉलीवुड की तरफ रुख किया था, लेकिन आगे बढ़ने की होड़ ने 25 साल के कोल्ड-वॉर को जन्म दिया। आज हम दोनों की बात इसलिए कर रहे हैं क्योंकि 3 अप्रैल को जया प्रदा अपना 64वां जन्मदिन मनाएंगी।

चार दशकों तक सिनेमा पर राज करने वाली जया प्रदा कभी भी फिल्मों में नहीं आना चाहती थी, लेकिन किस्मत उन्हें बहुत छोटी उम्र में ही सिनेमा में खींच लाई। 14 साल की उम्र में जया प्रदा को पहली तेलुगु फिल्म 'भूमिकोसम' मिली थी, जिसमें उनका 3 मिनट का रोल था और गाने में डांस करना था, हालांकि इसके बाद उन्होंने तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्मों में काम किया और फिल्म 'सरगम' से हिंदी सिनेमा में कदम रखा। अभिनेत्री के लिए पहली ही फिल्म बहुत चैलेंजिंग थी क्योंकि फिल्म में उनका एक भी डायलॉग नहीं था। उन्होंने 'हेमा' नाम की मूक डांसर का रोल किया था।

पहली ही फिल्म हिट रही और बैक-टू-बैक फिल्मों ने उन्हें बड़ी अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया। हालांकि जितेंद्र, अमिताभ बच्चन और गोविंदा जैसे स्टार्स के साथ काम करने के बाद भी जया प्रदा और श्रीदेवी के बीच नंबर-1 बनने की होड़ होने लगी। दोनों ने साथ में 8 फिल्मों में काम किया और ज्यादा फिल्मों में दोनों अभिनेत्री या तो बहनें बनती थी या फिर सहेली। ऑनस्क्रीन एक-दूसरे पर प्यार लुटाने वाली जया प्रदा और श्रीदेवी सेट पर एक-दूसरे से दूर बैठती थी और दोनों के बीच एक शब्द की बातचीत भी नहीं होती थी।

जया प्रदा और श्रीदेवी 'तोहफा', 'मकसद', 'मवाली' जैसी फिल्मों में साथ दिखी थीं। आलम यह था कि सेट पर कपड़ों से लेकर गहनों तक, दोनों के बीच कॉम्पीटिशन रहता था। डांस सीक्वेंस फिल्माते वक्त भी दोनों एक से बढ़कर एक क्लासिकल डांस स्टेप्स करती थीं। दोनों की कोल्ड-वॉर का फायदा डायरेक्टर को होता था क्योंकि गाना और या फिर फिल्म का सीन, दोनों की निखरकर आते थे। फिल्म 'मकसद' की शूटिंग के दौरान, उनके सह-कलाकार जितेंद्र और राजेश खन्ना ने उन्हें सुलह कराने के लिए एक घंटे तक एक ही मेकअप रूम में बंद कर दिया था। लेकिन, जब दरवाजा खुला, तो दोनों अभी भी चुपचाप अलग-अलग कोनों में बैठी थीं।

खुद जया प्रदा ने इस बात को स्वीकारा था कि सेट पर दोनों ही प्रोफेशनल रवैया अपनाते थे, लेकिन हिंदी सिनेमा की नंबर-1 अभिनेत्री बनने की चाह ने हालातों को जन्म दिया। साल 2015 में जया प्रदा और श्री देवी का कोल्ड-वॉर खत्म हो गया था और पहल भी जया प्रदा ने की। जया प्रदा ने अपने बेटे के रिसेप्शन में श्री देवी को बुलाया था और दोनों ने मीडिया के सामने आकर फोटोज क्लिक कर कोल्ड-वॉर का अंत किया था।

--आईएएनएस

पीएस/एबीएम

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