सिक्किम से प्रभावित पीएम मोदी बोले, अगर यहां के ऑर्किड नहीं देखे तो आपने असली सुंदरता नहीं देखी
गंगटोक, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सिक्किम के राज्यत्व के 50वें वर्ष के समापन समारोह में हिस्सा लेते हुए नॉर्थ ईस्ट और सिक्किम को लेकर कई अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि सिक्किम और पूरा पूर्वोत्तर केवल देश का हिस्सा नहीं, बल्कि 'भारत की अष्टलक्ष्मी' है, जो देश की समृद्धि और शक्ति का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "नॉर्थ ईस्ट हिंदुस्तान की अष्टलक्ष्मी है। इसलिए हम 'एक्ट ईस्ट' नीति पर काम कर रहे हैं और साथ ही 'एक्ट फास्ट' का संकल्प भी लिया है।" उन्होंने बताया कि सरकार का खास फोकस सिक्किम की कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर है। पिछले कुछ वर्षों में यहां सैकड़ों किलोमीटर हाईवे बनाए गए हैं और गांव-गांव तक सड़क पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है।
पीएम मोदी ने सिक्किम की सबसे बड़ी ताकत उसकी टूरिज्म इकोनॉमी को बताया। उन्होंने कहा कि भले ही सिक्किम का क्षेत्रफल देश के कुल क्षेत्रफल का 1 प्रतिशत से भी कम है, लेकिन यहां देश की 25 प्रतिशत से ज्यादा फ्लोरल डाइवर्सिटी पाई जाती है। खासतौर पर ऑर्किड्स का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर आपने सिक्किम के ऑर्किड नहीं देखे, तो आपने असली सुंदरता का अनुभव नहीं किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सिक्किम के लिए संभावनाओं का एक और क्षेत्र स्काई स्पोर्ट्स में भी है। यहां के युवाओं ने स्पोर्ट्स में अपनी क्षमता और प्रतिभा को बड़े बड़े मंचों पर साबित किया है। फुटबॉल, बॉक्सिंग, तीरंदाजी जैसे खेलों में यहां से निकले खिलाड़ियों ने सिक्किम और देश का नाम रोशन किया है। इन प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हम खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे आंदोलन चला रहे हैं। यहां की स्टेट स्पोर्ट अकादमी को भी पुनर्जीवित किया गया है। सिक्किम प्रीमियर लीग जैसे स्पोर्ट्स इवेंट को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा संख्या में खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिले, उनके खेल में सुधार आए।
पीएम मोदी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह एक दिन पहले गंगटोक पहुंचे थे और यहां का माहौल देखकर बेहद खुश हुए। बंगाल चुनाव की व्यस्तता के बाद यहां आकर एक नई अनुभूति मिली। चारों तरफ उत्सव का माहौल था और मन खुशियों से भर गया। उन्होंने सिक्किम के मौसम और प्राकृतिक सुंदरता की भी तारीफ की और इसे 'पूरब का स्वर्ग' और 'ऑर्किड्स का गार्डन' बताया।
उन्होंने कहा कि सिक्किम की शांति, आध्यात्मिकता और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव बहुत खास होता है और यह हर किसी को नहीं मिलता। पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील की कि वे सिक्किम जरूर घूमने आएं, क्योंकि यहां के लोग प्रकृति के सच्चे ब्रांड एंबेसडर हैं।
प्रधानमंत्री ने सिक्किम के लोगों की सादगी, सौम्यता और मुस्कान की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि दौरे से पहले भी वह सिक्किम के कई प्रतिभाशाली लोगों (पद्म सम्मान विजेताओं, कलाकारों और फुटबॉल खिलाड़ियों) से मिले और उनसे विभिन्न विषयों पर बातचीत की।
अपने रोड शो का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वह अनुभव उनके लिए अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने बताया कि लोगों के हाथों में तिरंगा था, 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारे गूंज रहे थे, जिससे पूरा माहौल 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना से भर गया था।
उन्होंने सिक्किम की स्वच्छता की भी जमकर तारीफ की। प्रधानमंत्री ने कहा, "पूरे रास्ते में सड़कों की साफ-सफाई देखकर मैं प्रभावित हुआ। न कहीं गंदगी दिखी, न हवा में प्रदूषण। सिक्किम के लोग प्रकृति के सच्चे संरक्षक हैं।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि सिक्किम ने ऐसे समय में 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' का उदाहरण पेश किया है, जब देश में कई बार भाषा, क्षेत्र और जाति के नाम पर विभाजन की राजनीति होती है। उन्होंने इस कार्यक्रम को भारत की विविधता और एकता का सुंदर प्रदर्शन बताया।
--आईएएनएस
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