Samachar Nama
×

श्रीलंका के लिए पोर्टेबल मेडिकल यूनिट एवं 50 हजार राउंड गोलियों का उपहार

नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना का डाइविंग सपोर्ट और पनडुब्बी बचाव पोत आईएनएस निरीक्षक श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के बंदरगाह पर पहुंचा है। यह समुद्री जहाज भारत व श्रीलंका के बीच हो रहे संयुक्त डाइविंग अभ्यास में हिस्सा ले रहा है। 21 अप्रैल से शुरू हुआ यह संयुक्त अभ्यास का चौथा संस्करण है। यह अभ्यास 27 अप्रैल तक चलेगा।
श्रीलंका के लिए पोर्टेबल मेडिकल यूनिट एवं 50 हजार राउंड गोलियों का उपहार

नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना का डाइविंग सपोर्ट और पनडुब्बी बचाव पोत आईएनएस निरीक्षक श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के बंदरगाह पर पहुंचा है। यह समुद्री जहाज भारत व श्रीलंका के बीच हो रहे संयुक्त डाइविंग अभ्यास में हिस्सा ले रहा है। 21 अप्रैल से शुरू हुआ यह संयुक्त अभ्यास का चौथा संस्करण है। यह अभ्यास 27 अप्रैल तक चलेगा।

भारत एवं श्रीलंका का यह अभ्यास दोनों देशों के बीच बढ़ते समुद्री सहयोग और विश्वास का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। इस अवसर पर भारत ने अपनी मानवीय सहायता की प्रतिबद्धता भी दिखाई है। ‘आरोग्य मैत्री’ पहल के तहत श्रीलंका को दो भीष्म क्यूब्स सौंपे जाएंगे। ये अत्याधुनिक, पोर्टेबल मेडिकल यूनिट हैं, जिन्हें आपात स्थिति में तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है। इनमें आवश्यक दवाइयां, प्राथमिक उपचार और छोटे ऑपरेशन के लिए जरूरी उपकरण उपलब्ध हैं। ये यूनिट लगभग 200 लोगों तक को आपात चिकित्सा सहायता देने में सक्षम हैं, जिससे आपदा या संकट के समय राहत कार्यों में तेजी लाई जा सकती है।

इसके अलावा, भारत द्वारा श्रीलंका नौसेना को 9 मिमी के 50,000 राउंड (रायफल की गोलियां) भी प्रदान किए जाने की योजना है। यह कदम दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करेगा और क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सप्ताह भर चलने वाले अभ्यास में भारतीय और श्रीलंकाई नौसेना के गोताखोर दल मिलकर कई तरह के विशेष डाइविंग ऑपरेशन और प्रशिक्षण गतिविधियों को अंजाम देंगे। इनमें गहरे समुद्र में बचाव कार्य, तकनीकी डाइविंग, और आपातकालीन परिस्थितियों में प्रतिक्रिया देना शामिल है।

इसके अलावा पनडुब्बी से जुड़े रेस्क्यू ऑपरेशन जैसी अहम गतिविधियों को भी अंजाम दिया जाएगा। इन अभ्यासों का मुख्य उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच बेहतर तालमेल विकसित करना, एक-दूसरे के अनुभवों से सीखना और आधुनिक तकनीकों तथा प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान करना है। कोलंबो पहुंचने पर आईएनएस निरीक्षक का श्रीलंकाई नौसेना द्वारा पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। स्वागत में श्रीलंकाई नौसेना का बैंड भी शामिल रहा। यह स्वागत दोनों देशों के बीच मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंधों को दर्शाता है।

वहीं, जहाज के कमांडिंग ऑफिसर कमांडर सैलेश त्यागी ने श्रीलंका के पश्चिमी नौसैनिक क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी रियर एडमिरल एस जे कुमारा से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा, सहयोग और आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। अभ्यास के दौरान केवल सैन्य गतिविधियां ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें खेल प्रतियोगिताएं, मैत्रीपूर्ण मेल-जोल और संयुक्त योग सत्र शामिल हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य दोनों देशों के नौसैनिकों के बीच व्यक्तिगत स्तर पर समझ, विश्वास और दोस्ती को मजबूत करना है, जिससे भविष्य में सहयोग और भी सहज और प्रभावी हो सके।

भारत और श्रीलंका के बीच इस तरह के संयुक्त अभ्यास लंबे समय से होते आ रहे हैं और ये दोनों देशों के गहरे समुद्री संबंधों का प्रतीक हैं। ऐसे अभ्यास न केवल सैन्य क्षमता को बढ़ाते हैं, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सहयोग को भी बढ़ावा देते हैं। यह पहल ‘महासागर’ की उस व्यापक सोच के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में सभी देशों के लिए सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करना है।

रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि आईएनएस निरीक्षक की यह यात्रा और भारत व श्रीलंका का संयुक्त डाइविंग अभ्यास, दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे, सहयोग और मित्रता को एक नई मजबूती प्रदान करने वाला कदम है।

--आईएएनएस

जीसीबी/डीकेपी

Share this story

Tags