श्री गुरु अंगद देव के ज्योति ज्योत दिवस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने किया नमन
नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। सिख पंथ के दूसरे गुरु श्री गुरु अंगद देव जी के ज्योति ज्योत पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी समेत कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें नमन किया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "गुरु अंगद देव जी ने महान गुरुमुखी लिपि को विकसित कर गुरु नानक देव जी की वाणी को जन-जन तक पहुंचाया। उन्होंने लंगर और संगत की परंपरा को सशक्त बनाकर सेवा, समानता और भाईचारे का संदेश दिया। उनके आदर्श आज भी समाज को मार्गदर्शन देते हैं। सिख धर्म के दूसरे गुरु, श्री अंगद देव जी के ज्योति-ज्योत दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।"
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी श्री गुरु अंगद देव जी के ज्योति ज्योत दिवस पर उन्हें नमन किया।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'एक्स' पर लिखा, "सेवा, दया और करुणा के सागर, धर्म, अध्यात्म और सृजन की त्रिवेणी, सिखों के द्वितीय गुरु, श्रद्धेय श्री गुरु अंगद देव जी महाराज के ज्योति ज्योत दिवस पर उनके चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं। आपका आदर्श जीवन और ओजस्वी वाणी से उपजा प्रकाश सर्वदा मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता रहेगा। महान गुरु के चरणों में बारंबार प्रणाम।"
केंद्रीय राज्य मंत्री और उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने लिखा, "सिख धर्म के द्वितीय गुरु, गुरु अंगद देव जी के ज्योति जोत दिवस पर सादर नमन। मानवता की सेवा के प्रति उनका समर्पण और उनकी शिक्षाएं आज भी हमारे लिए सत्कर्म और धर्मपरायण जीवन का मार्ग प्रशस्त करती हैं।"
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लिखा, "सिख धर्म के द्वितीय गुरु, गुरु अंगद देव जी के ज्योति ज्योत दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उनके बताए सेवा, समर्पण और मानवता के मार्ग पर चलकर हम समाज में एकता, भाईचारे और सद्भाव को और सुदृढ़ करने का संकल्प लें, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।"
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पोस्ट किया, "सिख पंथ के द्वितीय गुरु, महान संत, श्री गुरु अंगद देव जी महाराज के ज्योति ज्योत दिवस पर कोटि-कोटि नमन। श्री गुरु नानक देव जी महाराज की शिक्षाओं का प्रसार करते हुए श्री गुरु अंगद देव जी महाराज ने सेवा और अनुशासन को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाया। उनकी शिक्षाएं सदैव समाज को एकता और सद्भाव के सूत्र में पिरोती रहेंगी।"
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