बिहार के समस्तीपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। बताया जा रहा है कि एक स्टूडेंट का कथित तौर पर अपहरण किया गया और नशीली दवा देकर उसकी मर्जी के खिलाफ शादी करा दी गई। यह मामला देखने में बिल्कुल पकड़वा ब्याह जैसा प्रतीत हो रहा है।
सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लड़के और लड़की को जबरन विवाह के लिए तैयार किया गया था। वायरल वीडियो ने लोगों के बीच चिंता और गुस्सा दोनों फैला दिया। सोशल मीडिया यूज़र्स इस घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएँ साझा कर रहे हैं और कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस लड़के का विवाह कराया गया वह पोकहर गांव का रहने वाला नितीश कुमार है। नितीश बिहार पुलिस की भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहा था। बताया जा रहा है कि अपहरण के बाद उसे नशीली दवा दी गई और उसकी सहमति के बिना शादी कर दी गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी गई है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही लोग अपनी प्रतिक्रियाएँ देने लगे। कई यूज़र्स ने लिखा कि यह घटना बच्चों और युवाओं के अधिकारों के उल्लंघन का स्पष्ट उदाहरण है। एक यूज़र ने कहा, “किसी की मर्जी के खिलाफ शादी करना अपराध है। सरकार और पुलिस को ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।” वहीं, कुछ लोगों ने इसे पकड़वा शादी की सबसे गंभीर घटना बताते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए।
In the lastest incident of "Pakadwa shaadi" in Bihar, man preparing for Bihar police recruitment was abducted, intoxicated and coerced into marrying a girl in Samastipur district of the state. pic.twitter.com/CNg8w3pLiK
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) February 12, 2026
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल कानूनी दृष्टि से गंभीर हैं बल्कि समाज में युवाओं की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रभाव डालती हैं। उनका मानना है कि युवाओं को नशीली दवाओं और जबरदस्ती से बचाने के लिए समाज और परिवार को सतर्क रहना चाहिए।
इस मामले की वायरलिटी यह दिखाती है कि सोशल मीडिया आज के समय में ऐसे गंभीर मामलों को उजागर करने का सबसे बड़ा माध्यम बन गया है। लोग वीडियो देखकर न केवल जागरूक हो रहे हैं बल्कि इस पर अपनी राय और चेतावनी भी साझा कर रहे हैं। इंस्टाग्राम, फेसबुक और ट्विटर पर लोग वीडियो शेयर कर कानून और प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
अंततः यह घटना यह साबित करती है कि युवाओं के अधिकारों की सुरक्षा समाज की जिम्मेदारी है। नितीश कुमार के मामले ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि पकड़वा शादी जैसी घटनाओं को नकारा नहीं जा सकता और इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई बेहद जरूरी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने न केवल लोगों को जागरूक किया बल्कि समाज में कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

