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उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने बालासाहेब की विचारधारा से विश्वासघात किया: संजय निरुपम

मुंबई, 19 जून (आईएएनएस)। शिवसेना के स्थापना दिवस के अवसर पर पार्टी प्रवक्ता संजय निरुपम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को आम लोगों तक पहुंचाने की पहल का समर्थन करते हुए कहा कि भारत आज तकनीकी क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो चुका है। इस दौरान उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे गुट ने बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा और हिंदुत्व से समझौता किया है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भगवान परशुराम से जोड़ने की कोशिशों पर भी सवाल उठाए और इसे हिंदू परंपराओं का अपमान बताया।
उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने बालासाहेब की विचारधारा से विश्वासघात किया: संजय निरुपम

मुंबई, 19 जून (आईएएनएस)। शिवसेना के स्थापना दिवस के अवसर पर पार्टी प्रवक्ता संजय निरुपम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को आम लोगों तक पहुंचाने की पहल का समर्थन करते हुए कहा कि भारत आज तकनीकी क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो चुका है। इस दौरान उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे गुट ने बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा और हिंदुत्व से समझौता किया है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भगवान परशुराम से जोड़ने की कोशिशों पर भी सवाल उठाए और इसे हिंदू परंपराओं का अपमान बताया।

संजय निरुपम ने कहा कि भारत आधुनिक तकनीक की दुनिया में अपना मजबूत स्थान बना चुका है। उन्होंने दावा किया कि दुनिया में होने वाले डिजिटल लेन-देन का लगभग 90 प्रतिशत भारत में होता है और देश में करीब दो लाख स्टार्टअप सक्रिय हैं। उनके अनुसार, आईटी और एआई सेक्टर में भारत कई बड़े देशों से आगे निकल चुका है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेरिस में आयोजित एक कार्यक्रम में स्पष्ट किया था कि तकनीक का उपयोग केवल चुनिंदा लोगों के लिए नहीं बल्कि आम नागरिकों और देश के विकास के लिए होना चाहिए। निरुपम ने कहा कि तकनीक का जनतांत्रिकरण आवश्यक है ताकि समाज के हर वर्ग को नई तकनीकों का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस दिशा में प्रतिबद्ध है और देश का हर नागरिक चाहता है कि तकनीक का लाभ पूरे भारत को मिले।

शिवसेना (यूबीटी) की ओर से लगातार हो रही आलोचनाओं का जवाब देते हुए निरुपम ने कहा कि उद्धव ठाकरे गुट को बालासाहेब ठाकरे के विचारों का हवाला देने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि बालासाहेब ने जीवन भर कांग्रेस के साथ न जाने की बात कही थी, लेकिन UBT ने 2019 में कांग्रेस के साथ गठबंधन कर उनकी विचारधारा से विश्वासघात किया। निरुपम ने आरोप लगाया कि बालासाहेब ठाकरे कांग्रेस की राजनीति और उसके कथित सेक्युलरिज्म की आलोचना करते थे। ऐसे में कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने वाले लोग अब बालासाहेब के विचारों की दुहाई देकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे गुट ने शिवसेना प्रमुख के हिंदुत्व को तिलांजलि दी है और इसी वजह से उन्हें बालासाहेब के विचारों की याद दिलाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

कांग्रेस नेताओं द्वारा राहुल गांधी की तुलना भगवान परशुराम से किए जाने के मुद्दे पर भी संजय निरुपम ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की चापलूसी करने के लिए कांग्रेस नेता कुछ भी कर सकते हैं, लेकिन हर चीज का एक तर्क होना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की विचारधारा हिंदू विरोधी रही है और राहुल गांधी पर मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। निरुपम ने कहा कि राहुल गांधी समय-समय पर जनेऊ धारण करने का प्रदर्शन करते हैं, लेकिन उनकी राजनीति और बयान हिंदू भावनाओं के अनुकूल नहीं दिखते। ऐसे में किसी राजनीतिक नेता का अभिषेक करना या उसकी तुलना भगवान परशुराम जैसे पूजनीय व्यक्तित्व से करना हिंदू परंपरा और देवी-देवताओं का अपमान है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस हिंदुत्व की विचारधारा को स्वीकार करती है और राहुल गांधी हिंदू देवी-देवताओं का सम्मान करते हैं, तो उनका स्वागत किया जाएगा। लेकिन किसी व्यक्ति विशेष का धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से महिमामंडन करना उचित नहीं है।

शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस को लेकर निरुपम ने कहा कि पार्टी गोरेगांव स्थित नेस्को ग्राउंड में पूरे उत्साह और भव्यता के साथ कार्यक्रम आयोजित कर रही है। उन्होंने कहा कि यह केवल संगठन का स्थापना दिवस नहीं, बल्कि बालासाहेब ठाकरे के विचारों और उनके विजन का भी उत्सव है। उन्होंने कहा कि बालासाहेब हमेशा महाराष्ट्र को विकास की राह पर आगे बढ़ाने की बात करते थे और आज शिवसेना-भाजपा सरकार उसी दिशा में काम कर रही है। निरुपम ने दावा किया कि राज्य में बड़े पैमाने पर आधारभूत ढांचे का विकास हो रहा है और अटल सेतु जैसी परियोजनाएं इसका उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जनता के बीच प्रभावी ढंग से लागू हो रही हैं।

उन्होंने विशेष रूप से लाड़की बहन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि करोड़ों महिलाओं को इसका लाभ मिला है और स्थापना दिवस समारोह में इन उपलब्धियों को पोस्टर, बैनर और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।

शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों द्वारा अलग समूह बनाने की इच्छा जताने की खबरों पर निरुपम ने कहा कि लोकतंत्र में हर जनप्रतिनिधि को अपनी राजनीतिक दिशा तय करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र देकर अलग समूह बनाने की इच्छा व्यक्त की है, तो यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है।

इस पूरे मामले पर संजय राउत की प्रतिक्रिया को लेकर भी निरुपम ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि राउत ने सांसदों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया और कथित तौर पर धमकी भरे संकेत दिए। उन्होंने मांग की कि मुंबई पुलिस को स्वतः संज्ञान लेते हुए संजय राउत के खिलाफ मामला दर्ज करना चाहिए। निरुपम ने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मुंबई पुलिस द्वारा संजय राउत को सुरक्षा दिए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि सुरक्षा देना एक अलग विषय है, लेकिन कानून के दायरे में कार्रवाई भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल होता है तो उस पर सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।

--आईएएनएस

पीएसके

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