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'शिक्षा से लेकर परीक्षा व्यवस्था में बदलाव पर जोर', सीएम सम्राट चौधरी की 4 बड़ी घोषणाएं

'शिक्षा से लेकर परीक्षा व्यवस्था में बदलाव पर जोर', सीएम सम्राट चौधरी की 4 बड़ी घोषणाएं
'शिक्षा से लेकर परीक्षा व्यवस्था में बदलाव पर जोर', सीएम सम्राट चौधरी की 4 बड़ी घोषणाएं

पटना, 9 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़, गुणवत्तापूर्ण एवं छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक विद्यालय को उत्कृष्टता का केंद्र बनाना और छात्रों के सीखने के स्तर में लगातार सुधार सुनिश्चित करना है।

उन्होंने रविवार को इन फैसलों की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से शेयर की। देशभर में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने को लेकर चल रही चर्चा के बीच बिहार सरकार की ओर से की गई इन घोषणाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार ने शिक्षा के साथ-साथ परीक्षा प्रणाली में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल पर भी जोर दिया है।

सीएम सम्राट चौधरी ने पहली घोषणा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर की। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति राज्य के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने और छात्रों के सीखने के स्तर में निरंतर सुधार के लिए आवश्यक सुझाव देगी। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के प्रत्येक विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित हो और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।

दूसरी घोषणा को लेकर उन्होंने एक्स पर लिखा, ''बिहार में परीक्षाओं को सुचारु, पारदर्शी, निष्पक्ष और आधुनिक बनाने के लिए राज्य स्तरीय परीक्षा सुधार समिति गठित की गई है। यह समिति बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं के अलावा कक्षा आधारित मूल्यांकन की व्यवस्था की भी समीक्षा करेगी। परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया में तकनीक तथा एआई के उपयोग के माध्यम से छात्रों के ज्ञान, समझ और विश्लेषण क्षमता का बेहतर आकलन करने के उपाय सुझाए जाएंगे।''

मुख्यमंत्री ने शिक्षा सुधार में छात्रों की भागीदारी और संवाद को भी महत्वपूर्ण बताया है। इसके लिए राज्य में विशेष सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक छात्रों के साथ सीधे संवाद करेंगे। इस दौरान विद्यार्थियों की समस्याओं, सुझावों और उनकी आवश्यकताओं को समझने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा छात्र कल्याण से जुड़े कार्यों के बेहतर समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों में निदेशालय का गठन किया जाएगा। सरकार का मानना है कि छात्रों से जुड़े विभिन्न कार्यों और योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय होने से उन्हें योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर परीक्षा व्यवस्था और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार की इन घोषणाओं से शिक्षा व्यवस्था में प्रशासनिक सुधार के साथ-साथ तकनीक आधारित मूल्यांकन और छात्र-केंद्रित व्यवस्था को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। शिक्षा के क्षेत्र में किए गए इन फैसलों को बिहार में स्कूल शिक्षा से लेकर परीक्षा और छात्र कल्याण तक व्यापक सुधार की दिशा में उठाए गए कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

--आईएएनएस

एमएनपी/एसके

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