शिक्षा मंत्री व एजुकेशनल टेस्टिंग सर्विस के बीच हुई महत्वपूर्ण वार्ता
नई दिल्ली, 11 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान व एजुकेशनल टेस्टिंग सर्विस (ईटीएस) के सीईओ के बीच एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई है। एजुकेशनल टेस्टिंग सर्विस, अंतरराष्ट्रीय लेवल पर मान्यता प्राप्त परीक्षाओं के संचालन में एक जानी-मानी व प्रमुख संस्था है। इसके अलावा, यह संस्थान शोध-आधारित मूल्यांकन प्रणालियों के क्षेत्र में भी अहम योगदान देता है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री व एजुकेशनल टेस्टिंग सर्विस के बीच हुई मीटिंग व चर्चा का मुख्य उद्देश्य भारत की मूल्यांकन प्रणालियों को और अधिक त्रुटिरहित, उच्च गुणवत्ता वाला तथा वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना है। शिक्षा मंत्री ने इस मुलाकात में एजुकेशनल टेस्टिंग सर्विस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित सेवक तथा उनकी टीम के साथ गहन चर्चा की।
इस बैठक के उपरांत रविवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि उन्हें एजुकेशनल टेस्टिंग सर्विस (ईटीएस) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित सेवक तथा उनकी टीम से मुलाकात कर अत्यंत प्रसन्नता हुई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के मुताबिक ईटीएस विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त परीक्षाओं के संचालन और शोध-आधारित मूल्यांकन प्रणालियों के क्षेत्र में एक अग्रणी वैश्विक संस्था है।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने बताया कि बैठक के दौरान सार्थक और दूरगामी सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई। इन चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य भारत की मूल्यांकन प्रणालियों को और अधिक त्रुटिरहित बनाना है। साथ ही मूल्यांकन प्रणालियों को उच्च गुणवत्ता वाले तथा वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना है।
उन्होंने कहा कि ईटीएस की विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए देश में एक अद्वितीय और भरोसेमंद परीक्षा अनुभव विकसित किया जा सकता है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सहयोग के संभावित क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधान, आकलन प्रक्रियाओं को सशक्त बनाना, शिक्षक प्रशिक्षण, शिक्षण पद्धति और शिक्षकों की दक्षता व क्षमता निर्माण शामिल हैं। इसके साथ ही, शिक्षा कार्यक्रमों की पूरी क्षमता को सामने लाने के लिए आधुनिक और शोध-आधारित मूल्यांकन ढांचे को अपनाने पर भी जोर दिया गया।
शिक्षा मंत्रालय ने यह भी रेखांकित किया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए मजबूत, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम आकलन प्रणालियां अत्यंत आवश्यक हैं। ईटीएस जैसे वैश्विक संस्थानों के साथ सहयोग से भारत की शिक्षा व्यवस्था को नवाचार, गुणवत्ता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के नए स्तर तक ले जाया जा सकता है। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने भविष्य में दीर्घकालिक साझेदारी की संभावनाओं पर भी सहमति व्यक्त की, जिससे भारत में शिक्षा और मूल्यांकन के क्षेत्र में विश्वस्तरीय सुधार सुनिश्चित किए जा सकें।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक अन्य संदेश में पूर्व प्रधानमंत्री 'भारत रत्न' लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री को कोटि-कोटि नमन करते हैं। प्रधान का कहना है कि लाल बहादुर शास्त्री नैतिकता, सादगी और राष्ट्रनिष्ठा की जीवंत मिसाल थे। ‘जय जवान, जय किसान’ के अमर मंत्र के माध्यम से उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिक और राष्ट्र की आत्मा किसान दोनों को समान रूप से सम्मान दिया।
उन्होंने कहा कि सीमित साधनों में भी देश को आत्मविश्वास और संकल्प की शक्ति देने वाले लाल बहादुर शास्त्री का जीवन हर भारतवासी के लिए प्रेरणास्रोत है।
--आईएएनएस
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