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शी चिनफिंग ने सीपीसी सदस्यों से क्रांतिकारी परंपराओं को आगे बढ़ाने का आग्रह किया

बीजिंग, 18 जून (आईएएनएस)। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के महासचिव शी चिनफिंग ने नए युग में पार्टी सदस्यों से क्रांतिकारी परंपराओं को आगे बढ़ाने और नई राह पर नई उपलब्धियां हासिल करने का आह्वान किया है।
शी चिनफिंग ने सीपीसी सदस्यों से क्रांतिकारी परंपराओं को आगे बढ़ाने का आग्रह किया

बीजिंग, 18 जून (आईएएनएस)। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के महासचिव शी चिनफिंग ने नए युग में पार्टी सदस्यों से क्रांतिकारी परंपराओं को आगे बढ़ाने और नई राह पर नई उपलब्धियां हासिल करने का आह्वान किया है।

चीन के राष्ट्रपति और केंद्रीय सैन्य आयोग के अध्यक्ष शी चिनफिंग ने सीपीसी की 105वीं स्थापना वर्षगांठ से पहले सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के 102 वर्षीय पार्टी सदस्य चांग ल्येनशंग को लिखे पत्र के जवाब में ये बातें कही और उन्हें तथा देशभर के सभी अनुभवी पार्टी सदस्यों और साथियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

चीन की मुक्ति युद्ध के दौरान (सितंबर 1945 से सितंबर 1949 तक‌), केंद्रीय स्तंभ की चौथी ब्रिगेड की स्थापना की गई, यह सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की एक कार्य टीम थी, जिसने मुक्ति युद्ध में उत्तरी शैनशी में पार्टी केंद्रीय समिति और अध्यक्ष माओ के अभियान का अनुसरण किया। यह समाचार संचार और संपर्क के लिए जिम्मेदार थी।

हाल ही में, कॉमरेड चांग ल्येनशंग ने महासचिव शी चिनफिंग को एक पत्र लिखकर 'चौथी ब्रिगेड' में अपने क्रांतिकारी कार्य अनुभव को याद किया और पार्टी का हमेशा अनुसरण करने में अपने दृढ़ विश्वास को व्यक्त किया।

उन्हें दिए जवाबी पत्र में शी चिनफिंग ने कहा कि केंद्रीय स्तंभ की चौथी ब्रिगेड में रेडियो ऑपरेटर के रूप में, आपने युद्ध की भीषण आग के बीच पार्टी केंद्रीय समिति का साथ दिया और उत्तरी शैनशी की यात्रा की। आपने अपना जीवन संचार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में समर्पित कर दिया और वृद्धावस्था में भी आप पार्टी और देश के विकास के प्रति सजग हैं। हम आपको सादर प्रणाम करते हैं।

शी चिनफिंग ने यह भी कहा कि आपके पत्र में, जिसमें आपने कहा है कि आप हमेशा पार्टी का अनुसरण करेंगे और सदा के लिए 'चौथी ब्रिगेड' के सदस्य बने रहेंगे, पार्टी के प्रति आपकी सच्ची और गहरी आस्था और प्रेम झलकता है। नए युग के कम्युनिस्टों को लाल जीन को विरासत में लेना चाहिए, अपनी मूल आकांक्षा को कभी न भूलना चाहिए और अपने मिशन को दृढ़ता से याद रखना चाहिए, अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का पालन करते हुए नई यात्रा में उत्कृष्ट अध्याय लिखना चाहिए।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

एबीएम/

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