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शेखर सुमन ने शुरू की फिल्म एकेडमी, बोले-'संघर्ष और अनुभव से सीखा, अब नई पीढ़ी को सिखाने का समय'

मुंबई, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। फिल्म इंडस्ट्रीज में कई ऐसे कलाकार होते हैं, जो सिर्फ अपने काम तक सीमित नहीं रहते, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए रास्ता बनाने की भी कोशिश करते हैं। शेखर सुमन उन्हीं कलाकारों में से एक हैं, जिन्होंने अपने लंबे और उतार-चढ़ाव भरे करियर से जो सीखा, अब उसे दूसरों तक पहुंचा रहे हैं। एक्टिंग, लेखन, निर्देशन और होस्टिंग जैसे कई क्षेत्रों में काम कर चुके शेखर सुमन ने हाल ही में 'शेखर सुमन फिल्म एकेडमी' की शुरुआत की।
शेखर सुमन ने शुरू की फिल्म एकेडमी, बोले-'संघर्ष और अनुभव से सीखा, अब नई पीढ़ी को सिखाने का समय'

मुंबई, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। फिल्म इंडस्ट्रीज में कई ऐसे कलाकार होते हैं, जो सिर्फ अपने काम तक सीमित नहीं रहते, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए रास्ता बनाने की भी कोशिश करते हैं। शेखर सुमन उन्हीं कलाकारों में से एक हैं, जिन्होंने अपने लंबे और उतार-चढ़ाव भरे करियर से जो सीखा, अब उसे दूसरों तक पहुंचा रहे हैं। एक्टिंग, लेखन, निर्देशन और होस्टिंग जैसे कई क्षेत्रों में काम कर चुके शेखर सुमन ने हाल ही में 'शेखर सुमन फिल्म एकेडमी' की शुरुआत की।

शेखर सुमन ने समय-समय पर खुद को बदला और नई चीजें सीखीं। उन्होंने अभिनय के साथ-साथ कहानियां लिखीं, शो को होस्ट किया और निर्देशन भी किया, जिससे उन्हें इंडस्ट्री की गहरी समझ आई। उनका मानना है कि एक कलाकार को सिर्फ कैमरे के सामने अच्छा दिखना ही नहीं, बल्कि कहानी और दर्शकों को समझना भी जरूरी होता है।

अपने सफर को याद करते हुए शेखर सुमन ने कहा, ''मेरे करियर में अच्छे समय आए और ऐसे दौर भी आए जब सब कुछ मुश्किल लगने लगा। लेकिन मैंने हमेशा यह माना कि वही मुश्किल समय हमें नया बनाते हैं और हमें आगे बढ़ने की ताकत देते हैं। मैंने समय के साथ धैर्य रखना सीखा और अपने फैसलों पर भरोसा करना भी, जो किसी भी कलाकार के लिए बेहद जरूरी होता है।''

नई पीढ़ी के कलाकारों को लेकर शेखर सुमन ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, ''मुझे नई पीढ़ी की यही बात सबसे ज्यादा पसंद है कि वे बिना डर के नए प्रयोग करते हैं। सिर्फ रिस्क लेना ही काफी नहीं है, बल्कि इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए स्वभाव और सच्चाई के साथ जुड़े रहना भी उतना ही जरूरी है। यह संतुलन एक अच्छे कलाकार की पहचान बनाता है।''

अपनी नई पहल के बारे में बात करते हुए शेखर सुमन ने कहा, ''एकेडमी को आज के समय की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यह सिर्फ एक पारंपरिक एक्टिंग स्कूल नहीं होगा, बल्कि यहां छात्रों को असली और व्यावहारिक तरीके से सिखाया जाएगा। मेरा मानना है कि आज की कहानी कहने का तरीका बदल चुका है, इसलिए कलाकारों को भी उसी हिसाब से तैयार होना चाहिए।'

इस एकेडमी में तीन महीने का एक खास एक्टिंग प्रोग्राम शुरू किया गया है, जिसे खुद शेखर सुमन डिजाइन और संचालित करेंगे। इसके अलावा, इंडस्ट्री के अनुभवी कलाकार, कास्टिंग डायरेक्टर्स और फिल्ममेकर भी यहां आकर छात्रों को सिखाएंगे और अपने अनुभव साझा करेंगे।

--आईएएनएस

पीके/पीएम

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