शौर्य दिवस पर रक्षा मंत्री ने किया इन्फैंट्री के साहस और बलिदान को नमन
नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (आईएएनएस) भारतीय सेना की इन्फैंट्री के अदम्य साहस, वीरता और सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 80वें शौर्य दिवस पर इन्फैंट्री के वीर जवानों को सलाम किया है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 के ऐतिहासिक युद्ध क्षेत्रों से लेकर आज की चुनौतीपूर्ण सीमाओं तक, इन्फैंट्री के जवानों ने हर मुश्किल परिस्थिति में देश की रक्षा की है। गौरतलब है कि आज ही के दिन वर्ष 1947 में भारतीय सेना की इन्फेंट्री के जवान श्रीनगर हवाई अड्डे पर उतरे थे और पाकिस्तानी घुसपैठियों से कश्मीर की रक्षा की थी।
रक्षा मंत्री ने बताया कि जब भी राष्ट्र को इन्फैंट्री के वीर जवानों की सबसे अधिक जरूरत पड़ी, वे पूरी दृढ़ता के साथ मोर्चे पर डटे रहे। ये जवान देश की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने से भी पीछे नहीं हटे।
राजनाथ सिंह ने कहा कि इन्फैंट्री के जवानों का कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण, असाधारण साहस और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने का जज्बा भारतीय सशस्त्र बलों की सबसे गौरवशाली परंपराओं का प्रतीक है। राष्ट्र को अपनी इन्फैंट्री पर अपार गर्व है और देश उसके जवानों की सेवा तथा बलिदान के लिए सदैव आभारी रहेगा। उन्होंने इन्फैंट्री के जवानों के अदम्य हौसले और देश के प्रति उनकी निष्ठा को नमन करते हुए कहा कि इन वीर सैनिकों ने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी देश की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा है। उनका साहस और समर्पण भारतीय सेना की ताकत का महत्वपूर्ण आधार है।
थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और भारतीय सेना के सभी रैंकों ने भी 80वें शौर्य दिवस पर इन्फैंट्री के सेवारत जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। यह अवसर इन्फैंट्री के उन सभी सैनिकों के योगदान को याद करने का है, जिन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखा है।
भारतीय वायु सेना ने भी इस अवसर पर इन्फैंट्री के जवानों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। वायु सेना के सभी वायुसैनिकों ने भारतीय सेना की इन्फैंट्री के 80वें शौर्य दिवस पर अपनी ओर से बधाई और शुभकामनाएं व्यक्त कीं। यह संदेश तीनों सेनाओं के बीच आपसी सम्मान और देश की रक्षा के साझा संकल्प को भी दर्शाता है। ‘इन्फैंट्री – द अल्टीमेट’ के गौरवपूर्ण ध्येय के साथ शौर्य दिवस भारतीय सेना के उन बहादुर जवानों के साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा को नमन करने का अवसर है, जो हर चुनौती का सामना करते हुए राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।
--आईएएनएस
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