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'आप' और अमानतुल्लाह खान को आज देश से माफी मांगनी चाहिए : आशीष सूद

नई दिल्ली, 5 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज किए जाने के बाद राष्ट्रीय राजधानी की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। इस फैसले पर दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद और कपिल मिश्रा ने प्रतिक्रिया दी और आम आदमी पार्टी (आप) पर भी गंभीर सवाल उठाए।
'आप' और अमानतुल्लाह खान को आज देश से माफी मांगनी चाहिए : आशीष सूद

नई दिल्ली, 5 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज किए जाने के बाद राष्ट्रीय राजधानी की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। इस फैसले पर दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद और कपिल मिश्रा ने प्रतिक्रिया दी और आम आदमी पार्टी (आप) पर भी गंभीर सवाल उठाए।

दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने आईएएनएस से कहा कि उसने देश को बांटने और उसके खिलाफ साजिश रचने का काम किया है। शरजील इमाम ने इस देश को तोड़ने की साजिश रची है और मैं उसकी कड़े शब्दों में निंदा करता हूं।

आशीष सूद ने दिल्ली विधानसभा के कुछ सदस्यों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि विधानसभा में ऐसे लोग मौजूद हैं, जिन्होंने अतीत में शरजील इमाम के साथ मंच साझा किया है।

आशीष सूद ने विशेष रूप से आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान का नाम लेते हुए कहा कि वह पहले शरजील इमाम के मंचों पर देखे जा चुके हैं। उन्होंने मांग की कि आम आदमी पार्टी और अमानतुल्लाह खान को आज देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

वहीं, दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को दिल्ली दंगों को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवालों का जवाब बताया।

उन्होंने कहा कि यह फैसला एक बार फिर साबित करता है कि दिल्ली दंगे अचानक नहीं हुए थे, बल्कि यह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थे।

कपिल मिश्रा ने कहा, "हिंसा पूरी योजना और रणनीति के तहत की गई थी। इसके पीछे पूरी तैयारी थी। उमर खालिद और शरजील इमाम से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस बात की पुष्टि करता है कि दंगे किसी भावनात्मक उकसावे का नतीजा नहीं थे, बल्कि उन्हें एक साजिश के तहत अंजाम दिया गया था।"

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं और इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी बढ़ती दिख रही है।

--आईएएनएस

वीकेयू/एबीएम

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