शरीर की मूवमेंट को बैलेंस कर साइड फैट कम करता है अर्धचक्रासन, आयुष मंत्रालय ने बताए फायदे
नई दिल्ली, 23 मई (आईएएनएस)। हर साल 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जाता है। ऐसे में भारत सरकार का आयुष मंत्रालय महत्व को बढ़ावा देने के लिए रोजाना विभिन्न योगासनों के फायदों की जानकारी दे रहा है। इसी क्रम में मंत्रालय ने अर्धचक्रासन के फायदों के बारे में जानकारी दी।
यह आसन शरीर की मूवमेंट को बैलेंस करने के साथ-साथ साइड फैट यानी कमर के साइड वाले अतिरिक्त चर्बी को कम करने में बेहद उपयोगी साबित होता है। आजकल की व्यस्त और बैठी रहने वाली जीवनशैली में लोग अक्सर शरीर की छोटी-छोटी शिकायतों को नजरअंदाज कर देते हैं। पीठ में अकड़न, कम लचीलापन, बार-बार पीठ दर्द और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं आम हो गई हैं।
मंत्रालय के अनुसार, इन समस्याओं का समाधान अर्धचक्रासन जैसे आसान योगासन से हो सकता है। अर्धचक्रासन अभ्यास के लिए खड़े होकर दोनों पैरों को मिलाकर रखें। इसके बाद कमर से ऊपर की ओर झुकते हुए दोनों हाथों को पीछे ले जाएं और कमर को पीछे की ओर मोड़ें। हाथों को जांघों के पीछे रखकर शरीर को अर्धचंद्राकार यानी आधे चक्र की मुद्रा में लाएं। शुरुआती लोग इसे दीवार का सहारा लेकर भी कर सकते हैं। इस दौरान सामान्य तरीके से सांस लेते रहें।
अर्धचक्रासन के फायदों पर नजर डालें तो यह आसन कमर के दोनों ओर जमा अतिरिक्त चर्बी को घटाने में मदद करता है और पेट व कमर को आकार देता है। रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और पूरे शरीर की गति को संतुलित रखता है। साथ ही, पीठ की मांसपेशियों को मजबूत कर अकड़न को दूर करता है। यही नहीं, इसके अभ्यास से फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है और सांस संबंधी परेशानियां कम होती हैं।
अर्धचक्रासन के अभ्यास से मन शांत करता है और थकान दूर करने में भी यह सहायक है और इसके अभ्यास से पेट के अंगों पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे पाचन क्रिया बेहतर होती है।
आयुष मंत्रालय का कहना है कि रोजाना 5 से 10 मिनट अर्धचक्रासन का अभ्यास करने से शरीर में ऊर्जा बढ़ती है और मुद्रा भी सही रहती है। खासकर ऑफिस जाने वाले लोगों और महिलाओं के लिए यह आसन बहुत फायदेमंद है। हालांकि, गर्भवती महिलाएं, हाई ब्लड प्रेशर या हाल ही में कोई सर्जरी कराने वाले लोग इस आसन को करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
--आईएएनएस
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