Samachar Nama
×

शारदीय नवरात्र पर मंदिर पहुंचीं अभिनेत्री भाग्यश्री, मां के नौ रूपों का बताया महत्व

शारदीय नवरात्र पर मंदिर पहुंचीं अभिनेत्री भाग्यश्री, मां के नौ रूपों का बताया महत्व
शारदीय नवरात्र पर मंदिर पहुंचीं अभिनेत्री भाग्यश्री, मां के नौ रूपों का बताया महत्व

मुंबई, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। शारदीय नवरात्र की शुरुआत आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हो चुकी है। अभिनेत्री भाग्यश्री ने सोमवार को अपने फैंस को माता रानी के नौ स्वरूपों के बारे में विस्तार से समझाया।

अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें पोस्ट की, जिसमें वह मंदिर में माता रानी से आशीर्वाद लेती नजर आ रही हैं। भाग्यश्री ने अपने फैंस को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए लिखा, "नवरात्रि की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। मां के नौ रूप, नौ रस।"

अभिनेत्री ने माता रानी के नौ स्वरूपों के बारे में विस्तार से समझाते हुए लिखा, "शैलपुत्री: अटूट स्थिरता, पवित्रता और प्रकृति से गहरे जुड़ाव का प्रतीक, ब्रह्मचारिणी: गहरी भक्ति, साधना और अटूट दृढ़ता का प्रतीक, चंद्रघंटा: शांत, साहस और अन्याय के खिलाफ लड़ने की तैयारी का प्रतीक, कूष्मांडा: ब्रह्मांडीय रचनात्मकता, गर्मजोशी और जीवन को चलाने वाली रोशनी का प्रतीक, स्कंदमाता: बिना शर्त ममता और सुरक्षा भरे प्यार का प्रतीक, कात्यायनी: धर्म के लिए क्रोध, अदम्य साहस और बुराई पर जीत का प्रतीक, कालरात्रि: अंधकार, अज्ञान और नकारात्मकता को निडरता से खत्म करने का प्रतीक, महागौरी: परम पवित्रता, आंतरिक शांति और आध्यात्मिक नवीनीकरण का प्रतीक, सिद्धिदात्री: परम ज्ञान, आध्यात्मिक सिद्धि और दिव्य पूर्णता का प्रतीक, मां दुर्गा में दिव्य गर्मजोशी और ममता है लेकिन जब सुरक्षा और न्याय की जरूरत होती है तो वे सत्य के शस्त्र भी धारण करती हैं।"

अभिनेत्री ने माता रानी के नौ स्वरूपों का संदेश देते हुए समझाया कि दयालु होने का मतलब कमजोर नहीं होता है। उन्होंने लिखा, "माता रानी हमें सिखाती हैं कि दयालु होने का मतलब कमजोर होना नहीं है। कोमलता और साहस एक साथ हो सकते हैं।"

वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से हो चुकी है और इसका समापन 19 अक्टूबर को होगा जबकि 20 अक्टूबर को विजयादशमी (दशहरा) मनाई जाएगी। शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप को समर्पित होता है। इस दिन सफेद या पीला रंग पहनना बहुत शुभ माना जाता है, जो शांति और पवित्रता का प्रतीक है।

--आईएएनएस

एनएस/पीएम

Share this story