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शराबबंदी के अलावा भी राजस्व बढ़ाने के कई और विकल्प हैं: चिराग पासवान

शराबबंदी के अलावा भी राजस्व बढ़ाने के कई और विकल्प हैं: चिराग पासवान
शराबबंदी के अलावा भी राजस्व बढ़ाने के कई और विकल्प हैं: चिराग पासवान

पटना, 10 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में विभिन्न मुद्दों पर अपना पक्ष रखा।

चिराग पासवान ने शराबबंदी पर कहा कि यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि शराबबंदी से राजस्व को नुकसान पहुंचता है, लेकिन ये ऐसे विषय हैं, जो पूरी तरह से जनभावना से जुड़े हुए हैं। मैं हमेशा से ऐसे विषयों को लेकर जनभावना का समर्थक रहा हूं। चाहे आप शराबबंदी की बात कर लीजिए या जनसंख्या नियंत्रण की बात कर लीजिए, ये ऐसे विषय हैं, जिसके लिए आपको जनसमर्थन की आवश्यकता होती है। हमें ऐसे विषयों को लेकर जनता का सम्मान करने की जरूरत है। साथ ही हमें यह भी समझना होगा कि सिर्फ शराबबंदी ही एक ऐसा रास्ता नहीं है, जिससे किसी राज्य का राजस्व बढ़ाया जा सकता है। राज्य में कई ऐसे विषय हैं, जिससे राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी की जा सकती है। हालांकि, शराबबंदी के अलावा भी कई ऐसे विषय हैं, जिससे राज्य का राजस्व बढ़ाया जा सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि मेरे खुद के सेक्टर प्रोसेसिंग विभाग से भी रिवेन्यू जेनरट की जा सकती है। हम लोग गयाजी में भी इस तरह की व्यवस्था कर रहे हैं। निश्चित तौर पर आने वाले दिनों में ये तमाम वर्टिकल भी रिवेन्यू जेनरेट करने में सहायक साबित होंगे। आने वाले दिनों में आप देखिएगा कि हम बिहार के बजट को बढ़ाकर रहेंगे।

साथ ही, उन्होंने भारत माता ब्रिज के कोलैप्स होने पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि नि:संदेह इस तरह की घटनाएं चिंताजनक होती हैं। कई बार हम इस तरह की घटनाओं से शर्मसार होते हैं, बल्कि गुणवत्ता को लेकर भी कई तरह के प्रश्नचिन्ह खड़े होते हैं। मैं अब इस विवाद में नहीं पड़ना चाहूंगा कि आखिर इस पुल को किसने और कब बनाया, बल्कि इसके स्थान पर मैं यह कहना चाहूंगा कि आखिर इस तरह के जितने भी पुल बने हैं, उसकी समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए, ताकि अगर उसमें किसी भी प्रकार की खामी नजर आती है तो उसे तत्काल दूर करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि आगे चलकर इस तरह की स्थिति पैदा नहीं हो।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमने देखा कि कैसे दिल्ली में एक बिल्डिंग धराशायी हो गई थी। इसके बाद सभी पुरानी बिल्डिंग की समीक्षा हुई। अब हम इसी तरह की स्थिति बिहार में भी लागू करना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि बिहार में भी सभी पुरानी पुल की समीक्षा हो, ताकि अगर किसी में कोई खामी है तो उसे फौरन दूर किया जाए। मैं मुख्यमंत्री से यही कहना चाहूंगा कि सभी पुरानी पुलिया की समीक्षा हो।

उन्होंने कहा कि बिहार में हर साल से बाढ़ से कई इलाके प्रभावित होते हैं। इसी वजह से हमने फैसला किया है कि जितने भी बाढ़ प्रभावित इलाके हैं, वहां तक राहत पहुंचाने की दिशा में कदम बढ़ाया जाए। मेरे लोकसभा का एक बहुत बड़ा हिस्सा भी बाढ़ से प्रभावित है। मैं खुद बाढ़ प्रभावित इलाके में पहुंचा था और मैंने लोगों के बीच में जाकर यह संपर्क स्थापित करने का काम किया था कि जितनी मदद उन्हें मिल सकती है, मिलनी चाहिए। उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या नहीं हो, मैंने यही सुनिश्चित करने का काम किया था। आज मेरा खुद राघोपुर जाने का प्लान है। मैं बाढ़ प्रभावित लोगों के संपर्क में हूं और यह सुनिश्चित कर रहा हूं कि उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हो।

--आईएएनएस

एसएचके/डीकेपी

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