शंकराचार्य को स्नान से रोकना और अनुयायी पर लाठीचार्ज करना गलत: जीतू पटवारी
भोपाल, 19 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेला के दौरान कथित तौर पर शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद को स्नान से रोकने और अनुयायियों पर लाठी चार्ज की घटना को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इस घटनाक्रम से भाजपा का असली चेहरा उजागर हो गया है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि सनातन धर्म में सर्वोच्च आध्यात्मिक पदवी जगतगुरु शंकराचार्य की होती है, लेकिन माघ मेले में शंकराचार्य को स्नान करने से रोका जाना और उनके अनुयायियों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया जाना, भारतीय जनता पार्टी के तथाकथित धर्म प्रेम का असली चेहरा उजागर करता है। एक ओर भाजपा हिंदू सम्मेलन आयोजित करती है, वहीं दूसरी ओर सनातन धर्म की सर्वोच्च गादी का अपमान करती है।
उन्होंने लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हालिया इंदौर दौरे के दौरान यह स्पष्ट कहा था कि मध्य प्रदेश में स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। राजस्थान के बाद अब मध्य प्रदेश में भी हवा प्रदूषित, पानी प्रदूषित और दवाइयां तक प्रदूषित हो चुकी हैं। इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौत के बाद नगर निगम के आयुक्त दिलीप यादव को हटा दिया गया था और उनकी फिर हुई पदस्थापना पर पटवारी ने कहा कि छिंदवाड़ा में कफ सिरप कांड में 23 बच्चों की मृत्यु के बाद हटाए गए तत्कालीन ड्रग कंट्रोलर दिनेश कुमार मौर्य को कुछ ही दिनों बाद सामान्य प्रशासन विभाग में अपर सचिव बना दिया गया।
इसी प्रकार इंदौर में दूषित पानी से 24 नागरिकों की मृत्यु के बाद हटाए गए नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम का प्रबंध संचालक नियुक्त कर दिया गया। यह स्पष्ट है कि सरकार मौतों के जिम्मेदार अधिकारियों को सजा नहीं, बल्कि पुरस्कार देती है। उन्होंने कहा कि इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को निलंबित करने की घोषणा तो की गई, लेकिन आज तक उसका आदेश जारी नहीं हुआ। इससे प्रतीत होता है कि सरकार इंदौर की जनता के साथ षड्यंत्र कर रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए दावोस की यात्रा पर जा रहे हैं।
इस पर जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश पर प्रतिदिन 200 करोड़ का कर्ज बढ़ रहा है। 32 लाख करोड़ के निवेश और 26 लाख रोजगार का वादा हवा-हवाई साबित हुआ। हकीकत में मात्र 3 प्रतिशत निवेश ही जमीन पर उतरा है और रोजगार 'शून्य' है। मुख्यमंत्री विदेश यात्राओं में करोड़ों फूंक रहे हैं, जबकि प्रदेश कर्ज के दलदल में धंसता जा रहा है। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जवाब देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि जैसे ही एमपीपीएससी का पद खाली होता है, तुरंत भर्ती कर देनी चाहिए, लेकिन सच्चाई यह है कि जब छात्र और युवा महज 150 पद निकलने पर वादा अनुसार पद बढ़ाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरते हैं तो सरकार उन पर लाठियां चलाती है। यह सरकार युवाओं को रोजगार नहीं, दमन देती है।यह सरकार भविष्य नहीं, भय पैदा करती है।
--आईएएनएस
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