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शामली से योगी का विपक्ष पर तीखा वार, बोले-'जिन्ना के उपासक' विकास और विरासत के विरोधी

शामली से योगी का विपक्ष पर तीखा वार, बोले-'जिन्ना के उपासक' विकास और विरासत के विरोधी
शामली से योगी का विपक्ष पर तीखा वार, बोले-'जिन्ना के उपासक' विकास और विरासत के विरोधी

शामली, 17 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को शामली में 581 करोड़ रुपये की लागत वाली 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए दोनों दलों को 'जिन्ना का उपासक' बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2017 से पहले विकास कार्य ठप थे, बिजली, सुरक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं बदहाल थीं, लेकिन डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदल दी है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कभी आतंक, पलायन और गुंडागर्दी के लिए चर्चा में रहने वाला शामली आज विकास का नया केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून, शामली-अंबाला और प्रस्तावित शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के संगम के कारण यह जिला भविष्य में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का महत्वपूर्ण विकास केंद्र बनेगा।

योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने माफिया को जेल या जहन्नुम पहुंचाने का संकल्प लिया था और शामली-कैराना आकर उन्हें लगता है कि वह संकल्प सफल हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले व्यापारी, किसान और आम नागरिक भय के माहौल में जीते थे, जबकि आज प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकारों के दौरान विकास की बजाय तुष्टिकरण और अव्यवस्था को बढ़ावा मिला।

उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने किसानों, युवाओं और महिलाओं की सुरक्षा तथा विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। कांवड़ यात्रा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से यात्रा की गरिमा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांवड़िए भगवान राम के वंशज और भगवान शिव के भक्त हैं, इसलिए छोटी-छोटी बातों पर विवाद या हुड़दंग से बचें। यदि कोई असामाजिक तत्व यात्रा को बदनाम करने का प्रयास करे तो उसे तत्काल अलग कर दें।

सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश की चीनी मिलें संकट से जूझ रही थीं, लेकिन सरकार ने उन्हें पुनर्जीवित किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 122 चीनी मिलें संचालित हो रही हैं। गन्ना किसानों को 400 रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य मिल रहा है और भुगतान व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हुई है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश आज गन्ना, चीनी और एथेनॉल उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है।

उन्होंने कहा कि एक दशक पहले शामली में बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद खराब थी, जबकि आज 400 केवी विद्युत उपकेंद्र के कारण जिले में बिजली आपूर्ति मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान शामली के अस्पतालों में दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से भी मरीज इलाज के लिए आए, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए बदलाव का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत 'वंदे मातरम्', 'भारत माता की जय' और 'हर-हर महादेव' के उद्घोष के साथ की। उन्होंने शामली की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण ने धर्मयुद्ध पर जाने से पहले इस क्षेत्र में विश्राम किया था। उन्होंने 1857 की क्रांति में शामली और कैराना के योगदान को भी याद किया तथा कैराना घराने की संगीत परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस भूमि ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

--आईएएनएस

विकेटी/पीएम

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