शहाबुद्दीन रजवी ने बृज भूषण सिंह का किया समर्थन, देशविरोधी गतिविधियों पर कार्रवाई की मांग
बरेली, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कैसरगंज के पूर्व सांसद बृज भूषण सिंह के बयान का समर्थन करते हुए देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि धरना-प्रदर्शन करना प्रत्येक व्यक्ति का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन इसकी आड़ में देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों और विभिन्न संगठनों से हिंसा, तोड़फोड़ तथा आम लोगों को होने वाले नुकसान से बचने की अपील भी की।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि पूर्व सांसद बृज भूषण सिंह ने धरना-प्रदर्शनों को लेकर जो बातें कही हैं, वे सही हैं। मौजूदा समय में धरना-प्रदर्शनों के दौरान देश विरोधी ताकतें सक्रिय हैं और विपक्ष के कुछ लोग भी इसी तरह की बातें कर रहे हैं। कोई बांग्लादेश बनाने की बात कर रहा है, कोई नेपाल और श्रीलंका का जिक्र कर रहा है, तो कोई तख्तापलट की बात कर रहा है। इस तरह के बयान देशहित में नहीं हैं और इनसे देश को नुकसान पहुंच सकता है। देश विरोधी बयान देने या ऐसी गतिविधियों में शामिल होने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाई जानी चाहिए।
मौलाना ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को धरना-प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है और लोगों को अपने मुद्दे उठाने चाहिए। हालांकि उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था, देश के सामाजिक ताने-बाने और राष्ट्रीय एकता को नुकसान न पहुंचे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण होने चाहिए और किसी भी परिस्थिति में हिंसा का रूप नहीं लेना चाहिए। मौलाना ने दावा किया कि दिल्ली में अब तक हुए कई प्रदर्शनों के दौरान हिंसा, तोड़फोड़ और लाठीचार्ज जैसी घटनाएं हुई हैं। ऐसी घटनाओं से प्रदर्शनकारियों की छवि भी प्रभावित होती है और देश को भी नुकसान उठाना पड़ता है।
प्रदर्शन के कारण आम जनता की परेशानियों और कारोबार पर पड़ने वाले असर को लेकर भी चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि कनॉट प्लेस, जंतर-मंतर और मध्य दिल्ली के आसपास रोजगार करने वाले लोगों की दिनचर्या प्रदर्शनों से प्रभावित होती है। ऐसे हालात में कारोबार को करोड़ों रुपए का नुकसान होने की बात को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष, सीजेपी, आइसा और धरना-प्रदर्शन आयोजित करने वाले अन्य संगठनों से अपील की कि वे इस बात पर विचार करें कि उनके आंदोलनों से आम जनता को परेशानी तो नहीं हो रही है। यदि प्रदर्शन के कारण लोगों के रोजगार और कारोबार को नुकसान पहुंचता है तो आयोजकों को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि किसी भी आंदोलन का उद्देश्य अपनी मांगों को सामने रखना होना चाहिए, न कि आम जनता को परेशानी में डालना। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से देश की एकता और अखंडता की रक्षा करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की।
--आईएएनएस
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