शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम, वीडियो में देंखे निवेशकों की 9 लाख करोड़ की वेल्थ डूबी
भारतीय शेयर बाजार में आज भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है। बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव बढ़ गया और दिन भर यह ट्रेंड जारी रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 1800 अंक यानी 2.35 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,900 के स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आया। वहीं, निफ्टी भी 540 अंक (लगभग 2.20 प्रतिशत) गिरकर 23,250 के नीचे आ गया।
बाजार में आज सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों में देखने को मिला, जहां निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों के कारण निवेशकों में डर का माहौल बना हुआ है। ऐसे हालात में महंगाई बढ़ने का खतरा भी रहता है, जिससे कंपनियों की लागत बढ़ती है और मुनाफे पर असर पड़ता है।
इसी अनिश्चितता के चलते निवेशक जोखिम भरे निवेश से दूरी बना रहे हैं और सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। जब बड़े पैमाने पर निवेशक शेयर बेचते हैं, तो बाजार पर दबाव बढ़ता है और कीमतों में गिरावट आ जाती है।
इस गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन, जो कल तक करीब 439 लाख करोड़ रुपये था, आज घटकर लगभग 430 लाख करोड़ रुपये रह गया। इसका मतलब है कि सिर्फ एक दिन में निवेशकों की संपत्ति में करीब 9 लाख करोड़ रुपये की भारी कमी आई है।
विश्लेषकों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताएं बनी रहती हैं, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिलने वाले संकेत और कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
बाजार विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि इस समय घबराने के बजाय सतर्क रहें और लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान दें। उनका कहना है कि ऐसे उतार-चढ़ाव बाजार का हिस्सा होते हैं, लेकिन सही रणनीति अपनाकर नुकसान को कम किया जा सकता है।
फिलहाल, बाजार पर दबाव बना हुआ है और निवेशकों की नजर आगे आने वाले वैश्विक घटनाक्रमों और आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक इन कारकों पर निर्भर करेगी।

