सऊदी अरब और लाल सागर में हूती हमलों की कतर ने की निंदा, अंतरराष्ट्रीय समुदाय से की सख्त कार्रवाई की अपील
दोहा, 8 सितंबर (आईएएनएस)। कतर ने लाल सागर में व्यापारिक जहाजों और सऊदी अरब के शहरों में हूती समूहों के हमलों की निंदा की। कतर ने कहा हूती समूह अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा और आवाजाही की स्वतंत्रता को खतरे में डाल रहा है। कतर ने ऐसी गैर-जिम्मेदाराना हरकतों को तुरंत रोकने की आवश्यकता पर जोर देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
कतर विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया 'एक्स' पोस्ट में नागरिक ठिकानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने वाले हूती समूहों के हमलों की निंदा की।
कतर विदेश मंत्रालय ने पोस्ट में कहा, "सऊदी अरब के आभा, खमीस मुशैत, जाजान और नज्रान शहरों में हूती समूहों ने नागरिक और आर्थिक महत्व के ठिकानों को निशाना बनाया। यह बेहद निंदनीय है। इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कई नागरिक घायल हुए हैं। इसके अलावा यह समूह लाल सागर में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा तथा आवाजाही की स्वतंत्रता को खतरे में डाल रहा है।''
कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये हमले बेहद निंदनीय और आक्रामक हरकत हैं। यह आम नागरिकों की जान और क्षेत्रीय देशों की सुरक्षा के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैया दिखाता है। साथ ही यह सऊदी अरब की संप्रभुता का खुला उल्लंघन, अंतरराष्ट्रीय कानून के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन और क्षेत्र की शांति व स्थिरता के लिए खतरनाक तनाव बढ़ाने वाला कदम है।
मंत्रालय ने कहा कि कतर नागरिक ठिकानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने का पूरी तरह विरोध करता है और ऐसी गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाइयों को तुरंत रोकने की आवश्यकता पर बल देता है।
कतर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपनी जिम्मेदारी निभाने और इन उल्लंघनों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की अपील की है। साथ ही उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों को लागू करने की मांग की है, जिनमें यमन पर प्रस्ताव 2216 और लाल सागर में नौवहन की सुरक्षा और स्वतंत्रता से जुड़ा प्रस्ताव 2722 प्रमुख हैं।
मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में सुरक्षित और स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय कानून का एक बुनियादी सिद्धांत है, जिसकी गारंटी 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (यूएनसीएलओएस) की ओर से दी गई है।
मंत्रालय ने कहा कि कतर ने सऊदी अरब के साथ अपनी पूरी एकजुटता दोहराते हुए कहा कि वह उसकी संप्रभुता, सुरक्षा, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए उठाए जाने वाले सभी वैध कदमों में उसके साथ खड़ा है।
मंत्रालय ने कहा कि सऊदी अरब की सुरक्षा, कतर की सुरक्षा और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के सदस्य देशों की सामूहिक सुरक्षा से अलग नहीं है, बल्कि उसका एक अहम हिस्सा है। कतर ने हमलों में घायल हुए लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और ईश्वर से प्रार्थना की कि सऊदी अरब और वहां की जनता को हर तरह के नुकसान और खतरे से सुरक्षित रखे।
--आईएएनएस
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