सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए किरेन रिजिजू ने सांसदों से की अपील
नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस)। पेपर लीक के खिलाफ सरकार सोमवार को सदन में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करने वाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही इसका ऐलान किया था। अब संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी सांसदों से इसमें शामिल होने की अपील की है।
सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट में किरेन रिजिजू ने कहा कि युवा पीढ़ी की बात सुनने और छात्रों के भविष्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए ऐतिहासिक फैसलों के बाद मैं सभी सांसदों से अपील करता हूं कि वे कल "सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक" पर चर्चा में भाग लें।
सरकार सोमवार को सदन में पेपर लीक के खिलाफ कड़े प्रावधानों वाले बिल को पेश करने वाली है। प्रधानमंत्री ने छात्रों और देशवासियों को संबोधित करते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर बताया था कि अधिकारियों की तरफ से उन्हें मसौदा मिल गया है। इसे कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई और अब इसे सदन में पेश किया जाना है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अब तक सदन में पेपर लीक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इसके कारण सदन की कार्यवाही बाधित हो रही थी। अब शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हो चुका है। एक विशेषज्ञों की टीम तैयार की जा रही है, जो तकनीक की मदद से लीक प्रूफ परीक्षा आयोजित करने में मदद करेगी।
इसके साथ ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित सीजेपी का प्रदर्शन भी खत्म हो चुका है और सोनम वांगचुक अपना अनशन भी तोड़ चुके हैं। ऐसे में अब सरकार को उम्मीद है कि सोमवार को सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलेगी और बिल पर चर्चा होगी। इसी को देखते हुए मंत्री ने सभी सांसदों से इसमें शामिल होने की अपील की है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि नए प्रावधानों का मकसद उन गलत तरीकों के खिलाफ सख्त रोक लगाना है, जिनकी वजह से बार-बार राष्ट्रीय परीक्षाओं में बाधा आई है और लाखों छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।
मंजूर किए गए ड्राफ्ट के अनुसार, पेपर लीक के संगठित मामलों में बिल में 10 साल तक की जेल और अधिकतम 10 करोड़ रुपए के जुर्माने का प्रस्ताव है।
--आईएएनएस
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