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ब्यावर में खान विभाग टीम पर हमला, सरपंच दुष्यंत सिंह गिरफ्तार

ब्यावर में खान विभाग टीम पर हमला, सरपंच दुष्यंत सिंह गिरफ्तार

राजस्थान के साकेत नगर थाना क्षेत्र में मंगलवार को खान विभाग की सर्वे टीम पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए अतीतमंड गांव के निवर्तमान सरपंच दुष्यंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की 14 अलग-अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार, मंगलवार दोपहर खान विभाग की टीम ड्रोन के माध्यम से माइन धारकों का सर्वे करने अतीतमंड गांव पहुंची थी। इस दौरान स्थानीय लोगों और कुछ माइन धारकों ने टीम पर हमला कर दिया। हमले में किसी की जान को नुकसान तो नहीं पहुंचा, लेकिन टीम के सदस्यों में डर और चिंता फैल गई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस घटना की तुरंत रिपोर्ट मिलते ही सक्रीय जांच शुरू कर दी गई। अतीतमंड गांव में कई घंटों तक गश्त और पूछताछ के बाद टीम ने निवर्तमान सरपंच दुष्यंत सिंह को गिरफ्तार किया। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने मामले में अन्य संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए भी अभियान शुरू कर दिया है।

आरोपी पर दर्ज धाराओं में सरकारी अधिकारियों पर हमला, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाना, धमकी देना और दंगा भड़काने जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा और जांच पूरी होने तक हिरासत में रखा जाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि खान विभाग की कार्यवाही में बाधा डालना गंभीर अपराध है और इसके लिए सख्त कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस को मिलकर सुनिश्चित करना होगा कि सरकारी अधिकारियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखी जाए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अतीतमंड गांव में खान विभाग का सर्वे जरूरी था, क्योंकि पिछले कुछ समय से अनधिकृत माइनिंग और नियमों के उल्लंघन की शिकायतें बढ़ रही थीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस की सख्ती से भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकेगा।

राजनीतिक और प्रशासनिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त और त्वरित कार्रवाई से न केवल अपराधियों में भय पैदा होता है, बल्कि आम जनता और सरकारी अधिकारियों के बीच विश्वास भी बढ़ता है।

पुलिस ने मामले में चेतावनी दी है कि जो भी सरकारी टीम के काम में बाधा डालेगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि राज्य में कानून और प्रशासनिक प्रक्रिया का सम्मान करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

इस घटना ने यह भी दिखा दिया है कि खान विभाग जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कामों में स्थानीय सहयोग और सुरक्षा आवश्यक है। अब यह देखना होगा कि अतीतमंड और आसपास के क्षेत्रों में प्रशासनिक सुरक्षा और कानून का पालन किस हद तक प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया जाता है

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