सरकार ने लद्दाख की 28 जगहों को मानक नामों के साथ भारतीय सर्वेक्षण विभाग के आधिकारिक नक्शे पर किया चिह्नित
नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के परामर्श से लद्दाख में स्थित कुल 28 स्थानों और भौगोलिक संरचनाओं को भारतीय सर्वेक्षण विभाग के आधिकारिक नक्शे पर उनके मानक स्थान और भौगोलिक संरचना के नाम के साथ चिन्हित किया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश के साथ मिलकर भारतीय सर्वेक्षण विभाग के आधिकारिक नक्शे में शामिल करने के लिए लद्दाख की 28 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं की पहचान उनके मानक नामों के आधार पर की है। गृह मंत्रालय ने कहा कि यह पहचान लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के साथ बातचीत करके की गई।
गृह मंत्रालय ने कहा कि भारतीय सर्वेक्षण विभाग की ओर से लद्दाख के मानचित्र पर इन्हें औपचारिक रूप से चिन्हित करने का उद्देश्य, इनकी सटीक पहचान को सुगम बनाना और जन-सामान्य के बीच बेहतर जागरूकता पैदा करना है।
केंद्र सरकार की ओर से चिह्नित 28 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं में चोटियां, पर्वत श्रृंखलाएं, दर्रे, ग्लेशियर, घाटियां, नदियां, झीलें, भूमि क्षेत्र और अन्य भौगोलिक विशेषताएं शामिल हैं।
भारतीय सर्वेक्षण विभाग के केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के मानचित्र पर चिह्नित किए गए इन स्थानों और भौगोलिक संरचनाओं में अतिशा गिरी (चोटी), ब्रांग्सा (भूमि क्षेत्र), चपचिंगल दर्रा (दर्रा), कनिष्क चोटी (चोटी), करुण पीर (पर्वत), कुकसेल (भूमि क्षेत्र), मार्तंड गिरी (चोटी), पारपिक (ग्लेशियर), स्कामरी ग्लेशियर (ग्लेशियर), शचमिर्क दर्रा (दर्रा), शकोरगा घाटी (घाटी), जोरावर चोटी (चोटी), डेहरा कंपास (भूमि क्षेत्र) शामिल हैं।
इस सूची में ड्रैक कार्पो (पर्वत), गोगरा (भूमि क्षेत्र), जोल्मोरी (पर्वत), कुमारयाना पॉइंट (भूमि क्षेत्र), पांगलुंग (भूमि क्षेत्र), रिंचेन जंगपो (चोटी), साक्याश्री गिरी (चोटी), गुरु रिनपोछे (झील), शामल लुंग्पा (भूमि क्षेत्र), यांग्पा नदी (नदी), हॉट स्प्रिंग (जल स्रोत), मारपा लोत्सावा री (चोटी), मिलारेपा कांगरी (चोटी), शिव री (चोटी) और महेश्वर री (चोटी) शामिल हैं।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत भारतीय सर्वेक्षण विभाग, जो देश का राष्ट्रीय सर्वेक्षण और मानचित्रण संगठन है और भारत सरकार का सबसे पुराना वैज्ञानिक विभाग है।
देश की प्रधान मानचित्रण एजेंसी के रूप में अपनी नियत भूमिका में भारतीय सर्वेक्षण विभाग यह सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष जिम्मेदारी निर्वहन करता है कि देश के कार्य क्षेत्र का पता लगाया जाए। साथ ही, उपयुक्त रूप से उसका मानचित्रण कर त्वरित और एकीकृत विकास के लिए आधार मानचित्र प्रदान करे।
--आईएएनएस
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