सरकार के पास महंगाई की मेलोडी पर लगाम लगाने की कोई रेमेडी नहीं: तेजस्वी यादव
नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 25 जुलाई 2013 को प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी ने कहा था कि केंद्र सरकार और रुपए के गिरने का कंपटीशन चल रहा है कि कौन कितना गिरेगा? आज रुपया सबसे निचले स्तर पर पहुंचकर पूरे एशिया में सबसे कमजोर मुद्रा बन चुका है।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रुपए में लगातार गिरावट का यह आठवां साल है। विगत 12 वर्षों में रुपया अपनी आधी कीमत खो चुका है। देशवासियों को गुमराह करते हुए प्रधानमंत्री कहते हैं कि भारत दुनिया की शीर्ष बड़ी अर्थव्यवस्था है, लेकिन अमेरिकी डॉलर में प्रति व्यक्ति जीडीपी देखें तो भारत दुनिया में 16वें नंबर पर, बांग्लादेश से भी पीछे है।
उन्होंने कहा कि विजनलेस एनडीए सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। महंगाई-गरीबी और बेरोजगारी ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए है। देश के सबसे पिछड़े और गरीब राज्य बिहार के वित्तीय हालात तो सबसे खराब है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि एलपीजी गैस, पेट्रोल-डीजल, खाद-बीज, और पढ़ाई-दवाई-सिंचाई समेत सभी वस्तुओं के दाम बढ़ रहे हैं। राशन, तेल, दाल, दूध, और रोजमर्रा की जरूरत के सामान आम लोगों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए घर चलाना मुश्किल हो चुका है। खानपान से लेकर यातायात तक हर चीज महंगी हो गई है, लेकिन एनडीए की कथित डबल-इंजन सरकार के पास महंगाई पर लगाम लगाने का कोई ठोस रोडमैप नहीं है।
उन्होंने कहा कि देश के प्रधान और डबल इंजन सरकार के पास महंगाई की इस मेलोडी पर लगाम लगाने की कोई रेमेडी नहीं है। डबल इंजन सरकार में बेरोजगारी, गरीबी और महंगाई ट्रबलिंग रेट पर कई गुना बढ़ रही है। बिहार में शासन का संचालन ऐसे हो रहा है मानो लगता है यहां किसी सरकार का कोई अस्तित्व है ही नहीं। एनडीए सरकार को आम जनता की जरा भी फिक्र नहीं है।
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