सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को जेल भेजा जा रहा: कांग्रेस नेता राशिद अल्वी
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरभ दास को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने और विरोध-प्रदर्शन करने वालों के साथ सख्ती की जा रही है। इसके अलावा, उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कांग्रेस की चुनावी हार संबंधी बयान और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कथित हमले की कोशिश पर भी प्रतिक्रिया दी।
आशुतोष रांका और सौरभ दास को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के मामले पर राशिद अल्वी ने कहा कि भाजपा और उसकी सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ पुलिस के कथित दुर्व्यवहार का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाया जा रहा है।
अरविंद केजरीवाल की ओर से इस मामले में समर्थन जताते हुए झंडा फहराने को अपराध मानने पर सवाल उठाए जाने के संदर्भ में भी अल्वी ने सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि विरोध करने वालों के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने मौजूदा हालात की तुलना तानाशाही से करते हुए पुलिस कार्रवाई और बुलडोजर के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के राहुल गांधी पर हमले और कांग्रेस के 2029 में चुनाव हारने संबंधी बयान पर राशिद अल्वी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि देशभर में 13 करोड़ लोगों के वोट काटे गए हैं। दिल्ली में 50 लाख और उत्तर प्रदेश में दो करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए। अल्वी ने सवाल उठाया कि क्या मतदाता सूची से हटाए गए सभी लोग विदेशी हैं। यदि सरकार उन्हें घुसपैठिया मानती है, तो उन्हें संबंधित देशों में वापस भेजने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर की मौजूदा प्रक्रिया में चुनाव आयोग भाजपा सरकार के दबाव में काम कर रहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पहले मतदाता सूची तैयार करने के दौरान स्थानीय स्तर पर लोगों से जानकारी जुटाई जाती थी। उन्होंने मौजूदा प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची में नाम हटाए जाने और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए।
अमित शाह की चुनावी भविष्यवाणियों पर टिप्पणी करते हुए राशिद अल्वी ने कहा कि गृह मंत्री न तो भविष्यवक्ता हैं और न ही ज्योतिषी। उन्होंने भाजपा के 400 से अधिक सीटें जीतने के नारे का जिक्र करते हुए सवाल किया कि पार्टी को उतनी सीटें क्यों नहीं मिलीं। हरियाणा और छत्तीसगढ़ के चुनावी माहौल का उल्लेख करते हुए उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए।
अमित शाह द्वारा राहुल गांधी के कार्यक्रमों को दिखावटी बताए जाने संबंधी टिप्पणी पर अल्वी ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग विरोध-प्रदर्शनों में शामिल हुए हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया।
अमित शाह के इस आरोप पर कि विपक्ष घुसपैठियों को बचाना चाहता है, अल्वी ने सवाल किया कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का दावा किया जा रहा है, उनकी पहचान स्पष्ट क्यों नहीं की जाती। उन्होंने बांग्लादेश और म्यांमार का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि यदि ये लोग विदेशी हैं, तो संबंधित देशों की सरकारों से उन्हें वापस लेने के लिए बातचीत क्यों नहीं की जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठियों का मुद्दा उठाकर लोगों, खासकर मुसलमानों में डर पैदा किया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कथित हमले की कोशिश को राशिद अल्वी ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने भाजपा शासित राज्यों की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि ममता बनर्जी को अपनी सुरक्षा को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि मौजूदा परिस्थितियों में किसी भी व्यक्ति पर हमला हो सकता है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल द्वारा राहुल गांधी को रेड फ्लैग बताए जाने पर अल्वी ने कहा कि उनके विचार में यह चेतावनी भाजपा सरकार के लिए है। उन्होंने कहा कि सरकार के जाने का समय नजदीक आ रहा है।
--आईएएनएस
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