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सरकार के कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं: सीएम नायब सिंह सैनी

चंडीगढ़, 26 जनवरी (आईएएनएस)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को कहा कि सरकार की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है।
सरकार के कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं: सीएम नायब सिंह सैनी

चंडीगढ़, 26 जनवरी (आईएएनएस)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को कहा कि सरकार की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है।

उन्होंने गुरुग्राम में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज हरियाणा समृद्धि की नई परिभाषा लिख ​​रहा है। जनता की, जनता के लिए और जनता द्वारा सरकार के मूल सिद्धांत को अपनाते हुए हरियाणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के साथ कदम दर कदम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने न केवल पुरानी प्रथाओं को तोड़ते हुए गरीबों के उत्थान के लिए नई योजनाएं शुरू की हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया है कि ये योजनाएं जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू हों।

मुख्यमंत्री ने सबसे पहले वीर शहीदी स्मारक पर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की और फिर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। बाद में, उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और हरियाणा पुलिस, महिला पुलिस, होम गार्ड और स्काउट्स सहित विभिन्न टुकड़ियों से सलामी ली।

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि गणतंत्र दिवस वंदे मातरम की भावना और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प से ओतप्रोत है और हमें राष्ट्र की एकता, सांस्कृतिक गौरव और आत्मनिर्भरता की याद दिलाता है। अपनी विविधता के बावजूद, हमारा राष्ट्र हमेशा एकजुट रहा है, जिसकी झलक वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे भव्य समारोहों में दिखाई देती है।

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता के पथ पर निरंतर अग्रसर होते हुए भारत आज वैश्विक मानचित्र पर एक नई पहचान बना रहा है, जो प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस न केवल अतीत को याद करने का त्योहार है, बल्कि हमारे वर्तमान और भविष्य के उस स्वर्णिम स्वरूप की कल्पना करने का भी एक भव्य अवसर है जिसे हमने पिछले 11 वर्षों में सामूहिक रूप से आकार दिया है।

उन्होंने कहा कि दशकों से सरकारें बदलती रहीं, लेकिन व्यवस्था नहीं बदली। व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से सरकार ने पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान अपने घोषणापत्र में 217 संकल्प लिए थे। इनमें से 54 संकल्प महज एक वर्ष में पूरे हो चुके हैं, जबकि शेष 163 पर तेजी से काम चल रहा है।

--आईएएनएस

एमएस/

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