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सरकार घरेलू गैस सप्लाई में एलपीजी के अलावा पीएनजी पर भी बल दे रही है : पीएम मोदी

नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर मंगलवार को राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारी सरकार की कोशिश है कि ईंधन के किसी एक ही स्रोत पर ज्यादा निर्भरता न रहे। सरकार घरेलू गैस सप्लाई में एलपीजी के अलावा पीएनजी पर भी बल दे रही है। बीते दशक में देश में पीएनजी कनेक्शन पर अभूतपूर्व काम हुआ है। बीते दिनों में इस काम को और तेज किया गया है। साथ ही एलपीजी के घरेलू उत्पादन को भी बड़े पैमाने पर बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकार घरेलू गैस सप्लाई में एलपीजी के अलावा पीएनजी पर भी बल दे रही है : पीएम मोदी

नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर मंगलवार को राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारी सरकार की कोशिश है कि ईंधन के किसी एक ही स्रोत पर ज्यादा निर्भरता न रहे। सरकार घरेलू गैस सप्लाई में एलपीजी के अलावा पीएनजी पर भी बल दे रही है। बीते दशक में देश में पीएनजी कनेक्शन पर अभूतपूर्व काम हुआ है। बीते दिनों में इस काम को और तेज किया गया है। साथ ही एलपीजी के घरेलू उत्पादन को भी बड़े पैमाने पर बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में सरकार का निरंतर प्रयास रहा है कि हर सेक्टर में दूसरे देशों पर निर्भरता कम से कम हो। हम ज्यादा से ज्यादा आत्मनिर्भर हों, यही एकमात्र विकल्प है। भारत का 90 प्रतिशत से अधिक ट्रेड विदेशी जहाजों पर होता है। यह स्थिति किसी भी वैश्विक संकट में भारत की स्थिति को और भी गंभीर बना देती है। सरकार ने 'मेड इन इंडिया' जहाज बनाने के लिए करीब 70 हजार करोड़ रुपए का अभियान शुरू किया है।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज शिप बिल्डिंग, शिप ब्रेकिंग, मेंटनेंस एंड ओवर हॉलिंग, ऐसी हर सुविधा के निर्माण पर तेज गति से काम कर रहा है। बीते दशक में किए गए प्रयासों से भारत आज अपनी जरूरत के अधिकांश हथियार देश में ही बना रहा है। एक समय था, जब भारत अपने जीवन रक्षक दवाओं के कच्चे माल (एपीआई) के लिए भी दूसरे देशों पर बहुत अधिक निर्भर था। बीते वर्षों में देश में ही एपीआई इकोसिस्टम बनाने के लिए अनेक प्रयास किए गए हैं। इसी प्रकार रेयर अर्थ मिनरल्स में विदेशी निर्भरता को कम करने के लिए भी बड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान संकट ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है। पश्चिम एशिया में अभी तक जो नुकसान हुआ है। उससे रिकवर होने में भी दुनिया को बहुत वक्त लगेगा। भारत पर इसका कम से कम दुष्प्रभाव हो, इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। हमारी अर्थव्यवस्था के फंडामेंटल्स मजबूत हैं और सरकार पल-पल बदलते हालात पर नजर रखे हुए है। सरकार इसके शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म, ऐसे हर प्रभाव के लिए एक रणनीति के साथ काम कर रही है। भारत सरकार ने एक इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप बनाया है। ये ग्रुप नियमित मिलता है और हमारे इंपोर्ट-एक्सपोर्ट में आने वाली हर दिक्कत का आकलन करता है।

--आईएएनएस

एसडी/एबीएम

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