सरकार बदलने के लिए खून-खराबे की बात क्यों? तुहिन सिन्हा का कांग्रेस और प्रशांत भूषण पर तीखा हमला
मुंबई, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने पी. चिदंबरम के सरकार बदलने वाले बयान और प्रशांत भूषण के वायरल ऑडियो को लेकर कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार जनता चुनती है और अगला आम चुनाव 2029 में है, फिर हिंसा और खून-खराबे के जरिए सरकार बदलने की बात क्यों की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने प्रशांत भूषण और नेहा बोरा जैसे लोगों का दामन थाम रखा है, जिससे लगता है कि कांग्रेस देश में हिंसा चाहती है।
तुहिन सिन्हा ने कहा, "पी चिदंबरम पूछ रहे हैं कि सरकार बदलने में क्या दिक्कत है। मैं साफ कर दूं। लोकतंत्र में सरकारें लोग चुनते हैं और चुनाव के जरिए बदलती हैं। अगला आम चुनाव 2029 में होना है, तो अभी से सरकार बदलने का सपना क्यों देख रहे हैं?"
प्रशांत भूषण के वायरल ऑडियो क्लिप को लेकर उन्होंने कहा कि प्रशांत भूषण का एक ऑडियो क्लिप, जिसमें उन्होंने सरकार बदलने की बात कही थी, कथित तौर पर दो दिन पहले ही सामने आया था, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि खून-खराबे और हिंसा के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि अगर कोई खून-खराबे के जरिए सरकार बदलने की वकालत कर रहा है, तो मैं कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहता हूं। किस बेचैनी ने उन्हें ऐसे लोगों का बचाव करने और उन्हें पनाह देने पर मजबूर किया है? क्या कांग्रेस पार्टी के पास कोई असली नेता नहीं बचा है?
उन्होंने कहा कि एक तरफ राहुल गांधी ने प्रशांत भूषण का दामन थामा है और दूसरी तरफ नेहा बोरा का। नेहा बोरा का सपना है कि भारत में बांग्लादेश और नेपाल जैसा घटनाक्रम हो। जब कांग्रेस ऐसे लोगों का समर्थन करती है, दामन थामती है, तो कहीं ना कहीं ऐसा प्रतीत होता है कि ये कांग्रेस का ही एजेंडा है, कांग्रेस देश में हिंसा, खून-खराबा चाहती है। कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से सरकार बनाने में जनता का भरोसा खो चुकी है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के फ्रांस दौरे पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने कहा कि हमारे पास जो जानकारी है, उसके मुताबिक मुख्यमंत्री भगवंत मान को फ्रांस सरकार से कोई आधिकारिक न्योता नहीं मिला। दूसरी बात यह दौरा उनके जन्मदिन के साथ हो रहा है और उनकी पत्नी भी उनके साथ हैं, जो आमतौर पर आधिकारिक दौरों के दौरान नहीं होता है।
उन्होंने कहा कि इससे दौरे के समय पर सवाल उठते हैं, खासकर तब जब पंजाब ड्रग्स से जुड़े गंभीर मुद्दों, कई हत्याओं, और नशे की लत से जूझ रहे युवाओं की बढ़ती संख्या से जूझ रहे हैं और चुनाव भी पास आ रहे हैं। भगवंत मान की गैरमौजूदगी की तुलना राहुल गांधी से की जा रही है, जो बिहार चुनाव से पहले पिछले अक्टूबर में दो हफ्ते के लिए दक्षिण अमेरिका गए थे।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पिछले महीने, टीवीके के चीफ और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय भी अमेरिका गए थे और इस दौरे को आधिकारिक दौरा बताया था, हालांकि उनके जारी शेड्यूल में कोई आधिकारिक कार्यक्रम नहीं था।
--आईएएनएस
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