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सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना हमारा मकसद: डॉ. प्रियंका मौर्य

आजमगढ़, 7 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्य ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना ही हमारा मकसद है।
सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना हमारा मकसद: डॉ. प्रियंका मौर्य

आजमगढ़, 7 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्य ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना ही हमारा मकसद है।

डॉ. प्रियंका मौर्य का यह बयान उस वक्त आया है जब वे आजमगढ़ जनसुनवाई के लिए पहुंचीं। उन्होंने इस दौरान महिलाओं से संबंधित मामलों को निपटाया, जिसमें दहेज उत्पीड़न के मामले भी शामिल थे।

आजमगढ़ में आईएएनएस से बातचीत में राज्य महिला आयोग की सदस्य ने बताया कि महिलाओं का आयोग पर विश्वास बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सुनवाई के दौरान बहुत सारे मामले आते हैं। मेरा प्रयास रहता है कि सरकार की योजनाओं से महिलाओं को लाभान्वित किया जाए। आजमगढ़ में जनसुनवाई के दौरान मैंने अटल आवास विद्यालय का निरीक्षण किया। बच्चियों के लिए बहुत अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हैं। जिला कारागार का भी निरीक्षण किया गया, जहां सभी चीजें अच्छी मिलीं। मैंने पाया कि सुरक्षा, स्वास्थ्य, और हर क्षेत्र में हमारी सरकार महिलाओं के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि योजनाओं को जन-जन तक, विशेष रूप से अंतिम पंक्ति पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाया जाए। इसीलिए, हम जन चौपाल का आयोजन करते हैं, ताकि यदि कोई महिला किसी योजना से वंचित रह गई हो, तो उसे योजना का लाभ पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि अब महिलाओं को उनके नाम से घर मिल रहा है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है और उनके अंदर आत्मविश्वास बढ़ रहा है।

राज्य महिला आयोग महिलाओं की समस्याओं को सुनने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए तत्पर है। हम उनके अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और दिलाकर रहेंगे।

उन्होंने कहा कि जब भी हम जन सुनवाई करते हैं, जिला प्रशासन का भरपूर समर्थन मिलता है।

आजमगढ़ में आयोजित सुनवाई के दौरान भी पुलिस की ओर से पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।

उन्होंने बताया कि डबल इंजन की भाजपा सरकार में माताओं-बहनों की सुरक्षा, सम्मान, अवसर और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिली है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 25.5 लाख महिलाएं एवं बालिकाएं जागरूक हुईं। निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत 38.58 लाख महिलाएं लाभान्वित हुईं। कन्या सुमंगला योजना के तहत 3.28 लाख महिलाएं लाभान्वित हुईं।

--आईएएनएस

डीकेएम/डीएससी

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