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साड़ी फैक्ट्री से सिल्क बैग तक, चंदौली में स्वयं सहायता समूह लिख रहे आत्मनिर्भरता की नई कहानी

साड़ी फैक्ट्री से सिल्क बैग तक, चंदौली में स्वयं सहायता समूह लिख रहे आत्मनिर्भरता की नई कहानी
साड़ी फैक्ट्री से सिल्क बैग तक, चंदौली में स्वयं सहायता समूह लिख रहे आत्मनिर्भरता की नई कहानी

चंदौली, 17 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर पूरे देश में जश्न और सेवा कार्यक्रमों का दौर जारी है। उत्तर प्रदेश के चंदौली में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने पीएम मोदी को बधाई दी और बताया कि कैसे सरकारी योजनाओं ने उनके जीवन को बदल दिया है।

कभी नौकरी की तलाश में रहने वाली ये महिलाएं अब अपना खुद का कारोबार चला रही हैं और दूसरों को भी रोजगार दे रही हैं। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना के तहत उनके जरी-जरदोज़ी के काम ने उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है।

चंदौली की एक लाभार्थी महिला ने कहा, "हम साड़ी बनाने का काम करते हैं। यहां सब मिलकर काम करते हैं और दूसरे लोग भी काम करने आते हैं। पहले से हालात बहुत बेहतर हैं। पहले हम खाली बैठे रहते थे, लेकिन अब काम करते हैं, जो बहुत अच्छी बात है। अब हम इसे बहुत अच्छे से कर पा रहे हैं। पहले कुछ भी उपलब्ध नहीं था और हम बस घर पर बैठे रहते थे।"

वहीं दूसरी महिला ने कहा, "इस साड़ी फैक्ट्री से 11 लोग जुड़े हुए हैं। हम खुद भी साड़ियां बनाते हैं और दूसरों से भी बनवाते हैं। हमें इससे काफी फायदा हुआ है। बहुत बड़ा अंतर और लाभ है, अब हम अपने बच्चों को पढ़ा-लिखा पा रहे हैं। बहुत कुछ बदल गया है। मोदी जी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।"

पीएम मोदी के जन्मदिन पर बधाई देते हुए एक अन्य महिला ने अपनी आत्मनिर्भरता की कहानी साझा की। उन्होंने कहा, "मेरे समूह का नाम 'गोपाल आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह' है और हम सिल्क के बैग बनाने का काम करते हैं। हम बैग बनाने के लिए सामान घर भी लाते हैं। जब भी एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) के तहत गांव में कोई बैठक आयोजित होती है या हमें कहीं बुलाया जाता है, तो हम वहां जाकर अपना स्टॉल लगाते हैं।"

उन्होंने कहा, "हम प्रधानमंत्री मोदी को दिल से बधाई देते हैं क्योंकि उन्होंने इन स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार के अवसर देकर हमें आगे बढ़ने में मदद की है।"

--आईएएनएस

पीआईएम/पीएम

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