सपा सांसद ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल, आंदोलन जारी रखने का ऐलान
नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोपों के बीच समाजवादी पार्टी के सांसद ने मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे को जनहित से जुड़ा बताते हुए जोरदार विरोध जताया। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं पर जनता के घटते भरोसे को लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी बताते हुए अपनी मांगों पर अड़े रहने का संकेत दिया।
सपा सांसद जियाउर रहमान बर्क ने कहा, "भाजपा की नीति है कि कभी भी कोई शांतिपूर्ण तरीके से, संवैधानिक तौर पर धरना-प्रदर्शन करता है, चाहे सांसद-विधायक हो या आम जनता तो उनको हिरासत में लिया जाता है। उसी के तहत मंगलवार को भी हुआ। यह मुद्दा सिर्फ हमारी विपक्षी पार्टियों का नहीं, बल्कि जनता से जुड़ा मुद्दा है। जिस प्रकार से उनके वोटों को काटा जा रहा है, उनके अधिकारों को छीना जा रहा है, जो संविधान ने दिए हैं, तो उसे रोकने के लिए हम लोग धरना-प्रदर्शन और मार्च कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जब तक ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं हो जाता, साथ ही काटे गए वोटों की वापसी नहीं होती, तब तक यह धरना-प्रदर्शन और आंदोलन चलता रहेगा।
सपा नेता ने कहा कि हैरानी की बात यह है कि हम चुनाव आयोग और सीईसी पर सवाल उठाते हैं तो भाजपा जवाब देती है। सफाई तो चुनाव आयोग को देनी चाहिए। यह चुनाव आयोग भाजपा की संस्था नहीं है, यह संवैधानिक संस्था है। अगर लोगों का विश्वास संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग से उठता जाएगा तो यह आने वाले समय के लिए खतरे की घंटी है।
सपा सांसद ने कहा कि अगर चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं होगा तो चुनाव कैसे निष्पक्ष होंगे? और जब चुनाव निष्पक्ष नहीं होंगे तो संवैधानिक सरकार कैसे आएगी? उसी के तहत कुछ न कुछ दाल में काला तो नजर आता है। आप सब लोग महसूस कर रहे हैं कि भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए इस प्रकार के काम चुनाव आयोग की तरफ से किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी पुरजोर मांग है कि तुरंत इस्तीफा होना चाहिए, नहीं तो हम लोग खामोश नहीं बैठेंगे। यह जनता का मुद्दा है; जनता अभी धीरे-धीरे समझ रही है, फिर यह आगे चलकर आंदोलन का रूप ले लेगा।
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा, "राहुल गांधी समेत इंडी गठबंधन के नेता अपनी मांग को लेकर इलेक्शन कमिश्नर के ऑफिस जा रहे हैं। अगर किरेन रिजिजू को लगता है कि यह ड्रामा है तो वह देश की डेमोक्रेसी और लोगों की आवाज का अपमान कर रहे हैं। यह सिर्फ कांग्रेस पार्टी, इंडिया ब्लॉक या विपक्षी पार्टियों की बात नहीं है। सिविल सोसाइटी, लोग, युवा और छात्र सभी यह महसूस कर रहे हैं, ज्ञानेश कुमार भाजपा के लिए काम कर रहे हैं, इसलिए किरेन रिजिजू ज्ञानेश कुमार को लेकर इतने परेशान हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि देश की राजधानी में इतना बड़ा प्रोटेस्ट हुआ और वे राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर करना चाहते हैं। हम निश्चित तौर पर कह सकते हैं कि वे एक एफआईआर, पांच एफआईआर, 10 एफआईआर, 100 एफआईआर या 1,000 एफआईआर कर सकते हैं, लेकिन राहुल गांधी प्रोटेस्ट जारी रखेंगे। राहुल गांधी इस लड़ाई का नेतृत्व करेंगे।"
--आईएएनएस
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