यूपी चुनाव से पहले मुरादाबाद सपा में रार, पीडीए सम्मेलन में न बुलाए जाने पर सांसद रुचि वीरा नाराज
मुरादाबाद, 15 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी में आंतरिक मतभेद उभरते दिखाई दे रहे हैं, जो आगे चलकर अखिलेश यादव के लिए चुनौती बन सकते हैं। मामला मुरादाबाद जिले का है, जहां पार्टी की ओर से आयोजित पीडीए सम्मेलन में सपा सांसद रुचि वीरा को आमंत्रित नहीं किया गया। इस पर वे नाराज हो गईं और उन्होंने पार्टी अध्यक्ष से शिकायत करने की बात कही है।
रुचि वीरा ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, "मुझे इस पीडीए कार्यक्रम की कोई जानकारी नहीं थी, जबकि मैं उसी दिन शहर में ही थी। मैं पूरे दिन हज से लौटे लोगों से मिलने और उन्हें मुबारकबाद देने गई थी। इसके अलावा मैं कुछ शोक और विवाह कार्यक्रमों में भी शामिल हुई थी।"
उन्होंने कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमें आपस में लड़ना पड़ रहा है, जबकि हमें भारतीय जनता पार्टी से मुकाबला करना चाहिए। मैं एक सांसद हूं और यदि मेरे ही फोटो को बैनर में शामिल नहीं किया गया, तो यह सवाल उठता है कि आम जनता के साथ कैसा व्यवहार किया जाएगा।"
उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मामले से राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अवगत कराएंगी। कुछ स्थानीय नेता पार्टी में गुटबाजी कर रहे हैं और संगठन को कमजोर करने का काम कर रहे हैं।
रुचि वीरा ने कहा, "यदि मेरा फोटो बैनर पर नहीं लगाया गया, तो मेरी गैर-मौजूदगी में भी वह लगाया जा सकता था। मैं पूरे दिन शहर में मौजूद थी, फिर भी मुझे कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई।"
उन्होंने आगे कहा कि यह परंपरा सही नहीं है और इससे पार्टी की एकता प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि समाजवादी पार्टी का लक्ष्य अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना और पार्टी की सरकार बनाना होना चाहिए, लेकिन इस तरह की गुटबाजी से संगठन को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर पार्टी में वैमनस्य और विभाजन की राजनीति कर रहे हैं, जिसे रोका जाना चाहिए, ताकि मुरादाबाद और पार्टी दोनों को नुकसान न हो।
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