'सपा को भाजपा फोबिया हो गया, हर जगह बीजेपी दिखती है', अखिलेश यादव पर बरसे दिनेश प्रताप सिंह
लखनऊ, 25 सितंबर (आईएएनएस)। योगी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी के चुनाव आयोग (ईसीआई) पर लगाए गए आरोपों, समाजवादी पार्टी की पीडीए रथ यात्रा, कांग्रेस-सपा के बीच सीट शेयरिंग, उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी की संभावित भूमिका और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल की तारीफ पर कांग्रेस और सपा पर निशाना साधा।
अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि सपा को भाजपा फोबिया हो गया है और अखिलेश यादव को हर जगह भाजपा दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि इसका जवाब 2027 के चुनाव में देखने को मिलेगा।
राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर आरोपों के बाद कांग्रेस के देशव्यापी प्रदर्शन पर दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी का संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं है। जब कांग्रेस चुनाव जीतती है तो चुनाव आयोग, ईवीएम और चुनावी व्यवस्था ठीक लगती है, जबकि हारने पर इन्हीं संस्थाओं पर सवाल उठाए जाते हैं। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग के अलावा सर्वोच्च न्यायालय समेत अन्य संस्थाओं पर भी टिप्पणी की है। दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी से कहा कि यदि कांग्रेस में कोई कमी है तो उसे दूर किया जाना चाहिए और संवैधानिक संस्थाओं पर दोषारोपण नहीं करना चाहिए। उन्होंने वोटर लिस्ट से जुड़े मुद्दे पर भी कांग्रेस से स्पष्टीकरण की मांग की और सोनिया गांधी का नाम मतदाता सूची में शामिल होने को लेकर सवाल उठाया।
समाजवादी पार्टी की पीडीए रथ यात्रा पर दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि यात्रा पूरी तरह फ्लॉप रही। यात्रा सुबह 11 बजे निकलनी थी, लेकिन निकलते-निकलते शाम हो गई और इसके बावजूद भीड़ नहीं जुट सकी। लोगों को किराए पर बुलाना पड़ा। महिलाओं की भागीदारी को लेकर भी उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि जब लोगों को सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के सड़क पर होने की जानकारी मिली तो महिलाओं ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए।
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी जिस गंगा-जमुनी तहजीब की बात करती है, उसके दावे पर जनता सवाल उठा रही है। जनता के रुख को देखते हुए अखिलेश यादव को अपनी रथयात्रा वापस पार्टी कार्यालय में पैक करनी पड़ी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की ओर से लखनऊ से यात्रा शुरू करने की बात पर दिनेश प्रताप सिंह ने कांग्रेस और सपा के गठबंधन को मौका परस्ती और परिवार को बचाने का गठबंधन बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन दोनों दलों के बीच बयानबाजी शुरू हो गई है। वहीं, सीट शेयरिंग पर उन्होंने कहा कि अभी तक कांग्रेस और सपा के बीच स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने दोनों दलों के संभावित गठबंधन पर तंज कसते हुए सवाल किया कि चुनाव से पहले "विक्रम और बेताल" में कौन विक्रम होगा और कौन बेताल।
गठबंधन की कवायद की तुलना चुनावी खिचड़ी से करते हुए उन्होंने कहा कि अलग-अलग दल अलग-अलग सामग्री लाने की बात करते हैं, लेकिन अंत में सभी के पास सिर्फ नमक रह जाता है। सपा-कांग्रेस गठबंधन किसी नतीजे तक नहीं पहुंचेगा और भाजपा का गठबंधन उत्तर प्रदेश की जनता और मतदाताओं से हो चुका है।
प्रियंका गांधी की उत्तर प्रदेश में संभावित भूमिका को लेकर दिनेश प्रताप सिंह ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी को कांग्रेस के लिए राहु काल बताया और दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता गांधी परिवार को नकार चुकी है। कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में अपने अस्तित्व और अपने परिवार को बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। साथ ही उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में फिर से हार का सामना कराने का दावा किया।
अमित शाह की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल की तारीफ और उत्तर प्रदेश में कट्टा की जगह मिसाइल बनने की टिप्पणी पर दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि सपा-बसपा शासन के दौरान अपराधियों का प्रभाव था और अपराधियों के संरक्षण में सरकारें चलती थीं। आज उत्तर प्रदेश में अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर स्थिति बदल गई है। योगी सरकार में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण, डिफेंस कॉरिडोर और औद्योगिक निवेश जैसे काम हो रहे हैं।
मंत्री ने दावा किया कि पहले जहां वाहन चोरी और वाहन काटने की घटनाओं की बात होती थी, वहीं अब वाहन निर्माण हो रहा है। पहले लोग उत्तर प्रदेश से पलायन करते थे, जबकि अब देश-दुनिया के लोग राज्य में निवेश के लिए आकर्षित हो रहे हैं। प्रदेश में 24 घंटे बिजली, कानून का राज और विकास की दिशा में काम हो रहा है। योगी सरकार उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य की छवि से निकालकर उत्तम प्रदेश और आगे सर्वोत्तम प्रदेश बनाने की दिशा में काम कर रही है।
--आईएएनएस
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