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सपा चाहे हर गांव के लिए घोषणापत्र लाए, 2027 में एनडीए ही लगाएगा हैट्रिक : भाजपा

सपा चाहे हर गांव के लिए घोषणापत्र लाए, 2027 में एनडीए ही लगाएगा हैट्रिक : भाजपा
सपा चाहे हर गांव के लिए घोषणापत्र लाए, 2027 में एनडीए ही लगाएगा हैट्रिक : भाजपा

लखनऊ, 15 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी द्वारा सभी जिलों के लिए अलग-अलग घोषणापत्र तैयार करने की घोषणा पर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि सपा चाहे जो रणनीति अपना ले, प्रदेश की जनता अब उसके झांसे में नहीं आने वाली और 2027 में भाजपा फिर से हैट्रिक लगाएगी।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सपा के फैसले पर तंज कसते हुए कहा, "वे ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं। अगर वे चाहें तो गांव-गांव के लिए भी अपना घोषणापत्र जारी कर सकते हैं। लेकिन वे चाहे कुछ भी करें, भारतीय जनता पार्टी हैट्रिक लगाएगी और 2027 में उत्तर प्रदेश में फिर से सरकार बनाएगी।"

उत्तर प्रदेश के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने भी इसी मुद्दे पर सपा को घेरा। उन्होंने कहा, "हम कहते हैं कि 57,694 गांव हैं, तो हर गांव के लिए घोषणापत्र क्यों न तैयार किया जाए? अखिलेश यादव अपनी पार्टी के नेताओं को बुलाते हैं और उन्हें ट्रेनिंग देते हैं। ट्रेनिंग के दौरान राजकुमार भाटी का बयान तो सुनिए। उन्होंने ब्राह्मणों की तुलना वेश्याओं से की। जाट और गुर्जर समुदायों की महिलाओं के बारे में की गई टिप्पणियां सुनिए।"

वहीं, कैबिनेट मंत्री नरेंद्र कश्यप ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल को याद दिलाते हुए बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा, "समाजवादी पार्टी चाहे जिले का घोषणापत्र लाए, राज्य का घोषणापत्र लाए या कोई भी रणनीति अपनाए, इससे क्या फर्क पड़ेगा? उत्तर प्रदेश के लोग आज भी अखिलेश यादव की सरकार के कारनामों को याद करके सिहर उठते हैं।"

कश्यप ने कहा कि अखिलेश यादव के कार्यकाल में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा खतरे में थी। उन्होंने कहा, "महिलाओं और बेटियों के दिल कांप उठते हैं, और लोग निराश व दुखी हो जाते हैं। पांच साल में 700 दंगे, सड़कों पर पांच साल तक खुली गुंडागर्दी, कुछ ही जिलों तक सीमित विकास, राज्य से बिजली का गायब होना, किसानों को गन्ने का बकाया न मिलना, युवाओं से नौकरियां छिन जाना, इस पूरी अराजकता को उत्तर प्रदेश की जनता ने देखा है।"

उन्होंने जोर देकर कहा कि इसलिए अखिलेश यादव चाहे कहीं से भी घोषणापत्र लाएं या कोई भी कदम उठाएं, उत्तर प्रदेश की जनता अब समाजवादी पार्टी को स्वीकार करने वाली नहीं है।

--आईएएनएस

पीआईएम/पीएम

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