संत मुक्तानंद स्वामी ने किया दावा, मंदिर परिसर था भरूच की जामा मस्जिद
भरूच, 15 जून (आईएएनएस)। हिंदू संत मुक्तानंद स्वामी ने दावा किया कि भरूच जिले में स्थित जामा मस्जिद वाली जगह असल में एक मंदिर परिसर थी और उन्होंने वैज्ञानिक सर्वे की मांग की है। वहीं, हिंदू संगठन इस विवाद को लेकर ज्ञापन सौंपने और रैली करने की योजना बना रहे हैं।
संत मुक्तानंद स्वामी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "भरूच में जैन मंदिर श्रीचक्रधर स्वामी राष्ट्रीय धरोहर जो वर्तमान में तथाकथित जामा मस्जिद के रूप में जानी जाती है, मूलरूप से पुरातत्व विभाग के अंतर्गत आने वाला स्मारक है। इसका नीति-नियमों के अनुसार संरक्षण और संचालन होना चाहिए था लेकिन लंबे समय से इस स्थान को नियम के विरुद्ध विधर्मी समाज द्वारा कई गतिविधियां हो रही हैं।"
संत मुक्तानंद स्वामी ने कहा, "जामा मस्जिद परिसर में पिछले दिनों एएसआई ने अवैध रूप से बने वुज़ूखाना को तोड़ा, इसी तरह अन्य अवैध गतिविधियों को रोका गया है। आज भी कई व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की जरूरत है। राष्ट्रीय धरोहर का संचालन और संरक्षण करना बहुत जरूरी है। यह राष्ट्रीय और नागरिकों के लिए पुरातन और महत्वपूर्ण स्थान है।"
मुक्तानंद स्वामी ने कहा, "इतिहास के अनुसार, यह स्थान 2000 वर्ष पूर्व का है। इस मस्जिद का संबंध जैन और सनातन धर्म परंपरा से है। यहां की प्रतिमाएं और खंभों में नक्काशी और कई चीजें सनातन परंपरा को चिह्नित करती हैं। हाल ही में जो प्रतिमाएं मिली हैं, वह सनातन धर्म से संबंधित हैं। ऐसे में इन मूर्तियों को संरक्षित करना और जिस स्थान पर थीं, वहां पर स्थापित करना एएसआई की जिम्मेदारी है। इसको राष्ट्रीय धरोहर के रूप में मानना चाहिए। मंदिर परिसर के मूल चरित्र को संरक्षित करना हमारा मूल उद्देश्य है।"
भरूच जिले की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, भरूच किले की पहाड़ी पर जामा मस्जिद स्थित है। माना जाता है कि इस मस्जिद का निर्माण 14वीं शताब्दी ईस्वी में हुआ था। मस्जिद की सबसे उल्लेखनीय विशेषता यह है कि इसका निर्माण एक प्राचीन जैन मंदिर के अवशेषों से किया गया है। निर्माण शैली की दृष्टि से यह मस्जिद एक पारंपरिक मस्जिद का उदाहरण है। भरूच में लगभग 57 फीसदी मुस्लिम आबादी है। इसलिए भरूच में अच्छी संख्या में मस्जिदें हैं, जिनमें से जामा मस्जिद अपने समृद्ध ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के कारण प्रमुख और प्रसिद्ध है। यह मस्जिद भरूच किले के तल पर स्थित है।
--आईएएनएस
ओपी/पीएम

