संसद में जारी गतिरोध के लिए सरकार जिम्मेदार, भाजपा घबराई हुई है: रमाशंकर राजभर
नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के सांसद रमाशंकर राजभर ने गुरुवार को कई अहम मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा और केंद्र सरकार पर जुबानी हमला किया। उन्होंने मौलाना साजिद रशीदी के विवादित बयान की निंदा की, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के जेनजी आउटरीच पर सवाल उठाए, राहुल गांधी के प्रयागराज में प्रस्तावित कार्यक्रम रद्द होने को लेकर सरकार पर निशाना साधा और संसद में जारी गतिरोध के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
मौलाना साजिद रशीदी द्वारा कांवड़ यात्रियों की तुलना आतंकवादियों से किए जाने संबंधी बयान पर सांसद रमाशंकर राजभर ने कहा कि वह इस बयान की कड़ी निंदा करते हैं। किसी भी धर्मगुरु को किसी समुदाय या किसी की धार्मिक आस्था और उसके कार्यक्रमों को लेकर इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। सभी धर्मों और आस्थाओं का सम्मान होना चाहिए तथा ऐसे बयान सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाते हैं।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा जेनजी से संवाद स्थापित करने की पहल पर सपा सांसद ने तंज कसते हुए कहा कि अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत। पहले आरएसएस और भाजपा अपने उन समर्थकों और युवाओं को संभालें जो सोशल मीडिया पर लगातार आरक्षण विरोधी पोस्ट कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस जेनजी से संवाद की बात की जा रही है। जिन युवाओं पर पायलट गन से फायरिंग हुई, करंट लगाए गए, लाठीचार्ज हुआ और जिनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई, उनके मुद्दे पर पहले सरकार को जवाब देना चाहिए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सदन में आकर स्पष्ट करना चाहिए कि छात्रों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई किसके निर्देश पर हुई। जब तक सरकार इस विषय पर सफाई नहीं देती, तब तक युवाओं का विश्वास जीतना संभव नहीं है और देश के छात्र सरकार की मंशा को समझ चुके हैं।
राहुल गांधी के प्रयागराज में प्रस्तावित कार्यक्रम के रद्द होने के मामले में भी रमाशंकर राजभर ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुक्त भारत बनाने की बात करते-करते भाजपा अपने ही कार्यों से कांग्रेस-युक्त भारत बना रही है। राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए लगभग 15 से 20 दिन पहले अनुमति दी गई थी, लेकिन अंतिम समय में दबाव बनाकर अनुमति रद्द कराई गई ताकि राहुल गांधी छात्रों और युवाओं से संवाद न कर सकें।
राजभर ने कहा कि प्रयागराज शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र है और वहां छात्रों से संवाद के कार्यक्रम को रद्द कराना इस बात का प्रमाण है कि भाजपा कांग्रेस और विपक्ष से घबराई हुई है। एक तरफ भाजपा और आरएसएस युवाओं से संवाद की बात करते हैं। दूसरी ओर, विपक्षी नेताओं के कार्यक्रमों की अनुमति रद्द कराई जाती है। यह सरकार के दोहरे रवैये को दर्शाता है।
संसद में जारी गतिरोध को लेकर केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू द्वारा कांग्रेस और विपक्ष को जिम्मेदार ठहराए जाने पर भी सपा सांसद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सदन को सुचारु रूप से चलाने की जिम्मेदारी सरकार की होती है, इसलिए विपक्ष पर आरोप लगाना उचित नहीं है। विपक्ष केवल दो महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रहा है और उसकी कोई निजी मांग नहीं है। पहला मुद्दा छात्रों पर हुई कथित दंडात्मक कार्रवाई का है, जिस पर गृह मंत्री को संसद में आकर बयान देना चाहिए। दूसरा मुद्दा करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़े चढ़ावा चोरी के मामले का है, जिस पर भी सरकार को सदन में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार के मंत्री सोशल मीडिया पर अपनी बात रखने के बजाय संसद में आकर जवाब दें।
--आईएएनएस
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