Samachar Nama
×

सांसद कमलजीत सहरावत बोलीं-छात्रों के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, कांग्रेस ने पैलेट गन और लाठीचार्ज पर मांगा जवाब

सांसद कमलजीत सहरावत बोलीं-छात्रों के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, कांग्रेस ने पैलेट गन और लाठीचार्ज पर मांगा जवाब
सांसद कमलजीत सहरावत बोलीं-छात्रों के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, कांग्रेस ने पैलेट गन और लाठीचार्ज पर मांगा जवाब

नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन के नाम पर उत्पात मचाने वाले लोग छात्र नहीं हो सकते हैं, क्योंकि छात्र कभी ऐसा नहीं करेंगे। कुछ असामाजिक तत्व छात्रों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए और उन्होंने इस तरह का हुड़दंग मचाया, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

सांसद कमलजीत सहरावत ने शुक्रवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि हम छात्रों के साथ हैं। छात्रों की अपनी चिंता होती है। निश्चित तौर पर वो अपने भविष्य को लेकर चिंतित होते हैं, जिनसे हम खुद परिचित हैं, लेकिन जिस तरह से छात्रों का आवरण ओढ़कर कुछ लोगों ने जंतर मंतर पर हुड़दंग मचाया, वह गलत है।

उनके मुताबिक, पुलिस के साथ जिस तरह की बर्बरता विरोध प्रदर्शन में शामिल असामाजिक तत्वों ने की है, उसे पूरे देश ने देखा। पुलिस भी हमारे ही समाज का हिस्सा हैं। निश्चित तौर पर इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि छात्रों के एक वर्ग में सरकार की किसी कार्यप्रणाली को लेकर आपत्ति हो सकती है, लेकिन वो इस तरह का हुड़दंग नहीं मचाएंगे, जैसा हमें देखने को मिला है।

भाजपा सांसद ने कहा कि जिन लोगों ने छात्रों के इस शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन में दाखिल होकर हुड़दंग मचाने का काम किया, उन्हें चिन्हित करके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

उधर, कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह से जब विरोध प्रदर्शन में घायलों हुए पुलिसकर्मियों के परिजनों की ओर से किए गए प्रेसवार्ता के संदर्भ में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर पैलेट गन, एके 47 का इस्तेमाल किया गया, इन्हीं सब मुद्दों को लेकर हम सरकार से सवाल कर रहे हैं। हमें कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है। सरकार को सामने आकर आकर बताना होगा कि आखिर उनका क्या स्टैंड है। सरकार की ओर से प्रायोजित तरीके से एक अलग तरह का माहौल बनाया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि अफसोस की बात है कि सरकार वास्तविकता से भागने की कोशिश कर रही है। अगर वहां पर गलत काम हुआ है, तो यह बात साफ होनी चाहिए कि किसने आदेश दिया? सरकार को सामने आकर यह बताना चाहिए कि हमने आदेश दिया है। अगर जंतर मंतर पर अगर लाठीचार्ज हुआ, पैलेट गन चली, आंसू गैस के गोले दागे गए हैं, पानी की बौछारे छोड़ी गई हैं, यह सब किसके आदेश पर हुआ? उस अधिकारी को सामने आना चाहिए। आखिर क्यों उस अधिकारी को बचाने की कोशिश की जा रही है। सरकार ऐसा करके अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है। इन्हीं सब स्थिति को देखते हुए हम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से चाहते हैं कि वो सामने आकर जवाब दें।

उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से एक वर्ग को दूसरे वर्ग से लड़ाने की कोशिश की जा रही है। अब बीते दिनों सरकार की स्टूडेंट के प्रतिनिधियों से क्या बातचीत हुई थी, इस बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है। पुलिस को आदेश दिया गया, उन्होंने आदेश का पालन किया। हम सिर्फ यही जानना चाहते हैं कि यह आदेश किसने दिया। वो अधिकारी सामने आया। सरकार को अपनी जवाबदेही तय करनी होगी। जब तक यह जवाबदेही तय नहीं होती है, तब तक हमारी यह लड़ाई जारी रहेगी।

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी

Share this story

Tags