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संजय निषाद ने मोहन भागवत के बयान का किया समर्थन, कांग्रेस बोली - इतना डर क्यों?

संजय निषाद ने मोहन भागवत के बयान का किया समर्थन, कांग्रेस बोली - इतना डर क्यों?
संजय निषाद ने मोहन भागवत के बयान का किया समर्थन, कांग्रेस बोली - इतना डर क्यों?

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के सत्ता परिवर्तन को लेकर दिए बयान पर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। मोहन भागवत ने कहा था कि भारत में नेपाल और बांग्लादेश जैसी घटनाएं संभव नहीं हैं और इस तरह की घटनाएं स्वार्थ के लिए होती हैं। उनके इस बयान पर पक्ष और विपक्ष की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने मोहन भागवत के बयान का समर्थन किया है। संजय निषाद ने कहा, "मैं उनकी बातों से सहमत हूं। यहां कुछ विदेशी ताकतें हैं, जो भारत को अस्थिर करना चाहती हैं। जनता के बीच में ये लोग जाएं और बताएं कि क्या सही है और क्या गलत है।"

निषाद ने आगे कहा, "जनता तय करे कि कौन सही है और कौन गलत है। उसी आधार पर चुनाव हो और बदलाव हो। लेकिन ये लोग जनता के बीच डर के मारे जाएंगे नहीं, क्योंकि जनता ने फैसला सुना दिया है कि ये भ्रष्ट लोग हैं, इन्हें सत्ता में मत आने दो। पीएम मोदी और सीएम योगी जनता द्वारा चुने गए हैं, इसलिए उन्हें ही सत्ता में रहने दो।"

वहीं, सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मोहन भागवत के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा, "आप इतने डरे हुए क्यों हैं? हम इस तरह से सत्ता परिवर्तन नहीं करेंगे। हम लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में विश्वास रखते हैं। हम चाहते हैं कि चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष बना रहे, जैसा कि उसे होना चाहिए। आप लोकतंत्र को कमजोर करके सत्ता में बैठे हैं और इसी वजह से आप डरे हुए हैं। हम आपको इस तरह से नहीं हटाएंगे। हम लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में यकीन रखते हैं और चाहते हैं कि इस व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे।"

मुंबई में कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने भी मोहन भागवत के बयान की आलोचना की है। उन्होंने कहा, "कोई भी इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करता। यहां चल रहा पूरा आंदोलन महात्मा गांधी के रास्ते पर चला है। यहां तक कि जब बच्चों के साथ अन्याय होता है, पुलिस उन्हें पीटती है या उन्हें अपमानित किया जाता है, तब भी उनमें से कोई हिंसा का सहारा नहीं लेता। यह गांधी का देश है। मोहन भागवत को यह बात समझनी चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा, "आप एक चरमपंथी संगठन चला रहे हैं, पहले अपने संगठन को ठीक कर लीजिए। गांधी की विचारधारा में विश्वास रखिए, तिरंगे में विश्वास रखिए और संविधान में विश्वास रखिए।"

--आईएएनएस

पीआईएम/एबीएम

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