आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन : नहीं रहीं सुरों की 'आशा', हर आंख हुई नम
मुंबई, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। संगीत जगत की महान हस्ती आशा भोसले का निधन हो गया है। 92 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि उनके बेटे आनंद भोसले, महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मंत्री आशीष शेलार और मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल के डॉक्टर प्रतीत समदानी ने की। इस दुखद खबर के सामने आते ही फिल्मी सितारों और आम लोगों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।
बताया जा रहा है कि आशा भोसले की तबीयत पिछले कुछ समय से खराब चल रही थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल से बाहर आकर बेटे आनंद ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि सोमवार सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक अंतिम दर्शन होंगे और 4 बजे शिवाजी पार्क में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं डॉक्टर प्रतीत समदानी ने कहा कि यह बड़ी दुख की खबर है कि आशा भोसले जी का निधन हो गया है। उनको मल्टी ऑर्गन फेलियर था, जिसके चलते उन्होंने अंतिम सांस ली।
महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मंत्री आशीष शेलार ने मीडिया से बात करते हुए बताया, ''आज पूरा देश शोक में डूबा है। आज एक युग का अंत हो गया है।''
आशा भोसले का नाम भारतीय संगीत इतिहास में हमेशा सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने अपने करियर में आठ दशकों से भी ज्यादा समय तक संगीत की दुनिया में सक्रिय रहकर हजारों गाने गाए। उनकी आवाज में एक अलग ही जादू था, जिसने हर दौर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया। उन्होंने लगभग 12 हजार से ज्यादा गाने गाए, जो अपने आप में एक अनोखा रिकॉर्ड है।
उनके गाए कई गाने आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। 'पिया तू अब तो आजा', 'दम मारो दम', 'ये मेरा दिल', 'चुरा लिया है तुमने', 'इन आंखों की मस्ती के' और 'दिल चीज क्या है' जैसे गीतों ने उन्हें अमर बना दिया।
उनके योगदान को देखते हुए उन्हें कई बड़े पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार, पद्म विभूषण, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और कई फिल्मफेयर अवॉर्ड्स से नवाजा गया। वह दुनिया के सबसे ज्यादा गाने रिकॉर्ड करने वाले कलाकारों में भी शामिल रहीं।
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