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सनातन धर्म पर टिप्पणी पर सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी के खिलाफ मुकदमा दर्ज, अखिलेश यादव से बर्खास्तगी की मांग

सनातन धर्म पर टिप्पणी पर सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी के खिलाफ मुकदमा दर्ज, अखिलेश यादव से बर्खास्तगी की मांग
सनातन धर्म पर टिप्पणी पर सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी के खिलाफ मुकदमा दर्ज, अखिलेश यादव से बर्खास्तगी की मांग

ग्रेटर नोएडा, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। सनातन धर्म और हिंदू देवी-देवताओं को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी से जुड़ा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के नेता और गौ रक्षा हिंदू दल के संस्थापक अध्यक्ष वेद नागर की शिकायत पर दादरी थाने में राजकुमार भाटी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि भाटी ने दिल्ली में आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान हिंदू देवी-देवताओं और सनातन धर्म की मान्यताओं से संबंधित आपत्तिजनक प्रतिज्ञाएं दोहराईं, जिससे सनातन धर्म में आस्था रखने वाले लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

मुकदमा दर्ज होने के बाद वेद नागर ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से राजकुमार भाटी को प्रवक्ता पद से तत्काल हटाने की मांग की है। दादरी थाना पुलिस ने 24 अक्टूबर को वेद नागर की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352, 353(2) और 356 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

थाना प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और उनसे संबंधित तथ्यों की जांच करेगी। वेद नागर का आरोप है कि राजकुमार भाटी दिल्ली में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जहां हिंदू देवी-देवताओं, भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण और सनातन धर्म से जुड़ी मान्यताओं के संबंध में प्रतिज्ञाएं दोहराई गईं।

शिकायतकर्ता का कहना है कि इस घटनाक्रम से धार्मिक आस्था रखने वाले लोगों को ठेस पहुंची है। उन्होंने इसे केवल राजनीतिक बयानबाजी का मामला नहीं, बल्कि धार्मिक भावनाओं और सामाजिक सम्मान से जुड़ा विषय बताया है। इस पूरे मामले की शुरुआत 20 अक्टूबर को दिल्ली के रानी झांसी रोड स्थित अंबेडकर भवन में भारतीय बौद्ध महासभा की ओर से आयोजित कार्यक्रम के बाद हुई।

कार्यक्रम में राजकुमार भाटी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। इस दौरान डॉ. भीमराव आंबेडकर की 22 प्रतिज्ञाओं से संबंधित वीडियो सामने आया, जिसमें हिंदू देवी-देवताओं की पूजा और उनसे जुड़ी मान्यताओं के संबंध में शपथ लेते हुए दृश्य दिखाई दिए।

वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर राजकुमार भाटी ने अपना पक्ष भी रखा था। उन्होंने हिंदू धर्म छोड़ने या बौद्ध धर्म अपनाने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा था कि वह हिंदू हैं और धर्म परिवर्तन का उनका कोई इरादा नहीं है। उन्होंने गौतम बुद्ध की शिक्षाओं और डॉ. आंबेडकर के विचारों के प्रति सम्मान जताते हुए सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान करने की बात कही थी।

वेद नागर ने अखिलेश यादव से मांग की है कि राजकुमार भाटी को पार्टी के प्रवक्ता पद से तत्काल हटाया जाए। उनका कहना है कि राजनीतिक दलों के जिम्मेदार पदों पर बैठे नेताओं को सार्वजनिक मंचों पर बयान देते समय धार्मिक आस्थाओं और सामाजिक संवेदनशीलता का ध्यान रखना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि टीवी चैनलों की डिबेट में राजकुमार भाटी को इस मुद्दे पर चर्चा के लिए बुलाया जाता है, तो वह लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

--आईएएनएस

पीकेटी/डीकेपी

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