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सनातन धर्म में मुसलमानों से नफरत की शिक्षा नहीं, हिंदुत्व के नाम पर हो रही है सियासत: साजिद रशीदी

सनातन धर्म में मुसलमानों से नफरत की शिक्षा नहीं, हिंदुत्व के नाम पर हो रही है सियासत: साजिद रशीदी
सनातन धर्म में मुसलमानों से नफरत की शिक्षा नहीं, हिंदुत्व के नाम पर हो रही है सियासत: साजिद रशीदी

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं और हिंदुत्व और सनातन धर्म को लेकर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की टिप्पणियों पर मौलाना साजिद रशीदी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने उमर खालिद और शरजील इमाम के मामले में सुनवाई में देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जमानत मांगना उनका संवैधानिक अधिकार है। वहीं, सनातन धर्म और हिंदुत्व के बीच अंतर बताते हुए उन्होंने नफरत फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की।

दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका दाखिल होने पर मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि कोई व्यक्ति जेल में है और अभी तक उसके मामले की सुनवाई शुरू नहीं हुई है। इस मामले में अब तक चार्जशीट भी दाखिल नहीं हुई है। चुनावी मुद्दा बनाने और राजनीतिक रूप से किसी को नीचा दिखाने के लिए इन लोगों को जेल में रखा गया है, जबकि उनके खिलाफ मुकदमे की सुनवाई शुरू नहीं हुई है।

मौलाना ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल करना संबंधित लोगों का संवैधानिक अधिकार है। इस पर किसी को सवाल उठाने का अधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने अदालत से अपील की कि वह याचिकाओं पर सुनवाई करे और सरकार से भी पूछे कि आखिर ऐसी क्या वजह है कि अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं हुई और मुकदमे की सुनवाई शुरू नहीं हो सकी है।

दिग्विजय सिंह की सनातन धर्म पर टिप्पणियों के सवाल पर मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि सनातन धर्म है, लेकिन आजकल कुछ लोग हिंदुत्ववादी संगठनों के नाम पर मुसलमानों के खिलाफ तीखे हमले और प्रहार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके विचार में देश का आम हिंदू अच्छा है और आपसी मेलजोल में विश्वास रखता है, लेकिन कुछ लोग नफरत फैलाने वाली बातें करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों को दुकान या मकान किराए पर नहीं देने, उन्हें विधर्मी या आतंकवादी बताने और रेहड़ी-पटरी वालों से खरीदारी से पहले आधार कार्ड देखने जैसी बातें समाज में नफरत बढ़ाती हैं। उन्होंने सरकार से ऐसी गतिविधियों पर लगाम लगाने की मांग की।

मौलाना ने कहा कि उन्होंने सनातन धर्म और वेदों का अध्ययन किया है, लेकिन उनमें मुसलमानों से नफरत करने की शिक्षा नहीं मिलती। सनातन धर्म और मौजूदा समय में हिंदुत्व के नाम पर की जा रही राजनीति अलग-अलग बातें हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों को बदनाम करने और आतंकवादी बताने के लिए इस तरह की गतिविधियां की जा रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि देश में मुसलमानों को अब्दुल कहकर उनकी पहचान को सीमित किया जाता है, जबकि अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की सफलता की चर्चा होनी चाहिए। इस तरह की राजनीति से देश की स्थिति पर क्या असर पड़ रहा है, यह सभी देख रहे हैं।

--आईएएनएस

पीएसके

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