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संविधान संशोधन विधेयक नहीं हुआ पास, विपक्ष ने बताया लोकतंत्र और संविधान की बड़ी जीत

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा में शुक्रवार को संविधान का 131वां संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका। मतदान के दौरान बिल के पक्ष में 298 सांसदों ने वोट किया, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। विधेयक के गिरने के बाद विपक्ष ने इसे अपनी बड़ी जीत बताया है।
संविधान संशोधन विधेयक नहीं हुआ पास, विपक्ष ने बताया लोकतंत्र और संविधान की बड़ी जीत

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा में शुक्रवार को संविधान का 131वां संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका। मतदान के दौरान बिल के पक्ष में 298 सांसदों ने वोट किया, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। विधेयक के गिरने के बाद विपक्ष ने इसे अपनी बड़ी जीत बताया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की अपनी खतरनाक परिसीमन प्रस्तावों को महिला आरक्षण से जोड़ने की नापाक और शरारती कोशिश लोकसभा में निर्णायक रूप से नाकाम हो गई है।"

उन्होंने आगे कहा, "यह हमारे लोकतंत्र, हमारे संघवाद और संविधान की जीत है। यह गैर-जैविक, गैर-गृहस्थ प्रधानमंत्री की वैधता पर भी सवाल खड़ा करता है। मोदी सरकार के लिए अगले कदम साफ हैं, उन्हें 2029 के चुनावों के लिए लोकसभा की मौजूदा व्यवस्था में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करना चाहिए। सितंबर 2023 से ही पूरे विपक्ष की यही लगातार मांग रही है, जब संसद ने सर्वसम्मति से 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023' पारित किया था, जिसे आखिरकार कल देर रात ही अधिसूचित किया गया।"

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पोस्ट में लिखा, "मोदी-शाह ने देश की आधी आबादी को ढाल बनाकर डिलिमिटेशन करने की कोशिश की और इस देश के लोकतंत्र, संविधान और संघवाद को चोट पहुंचाने का कुत्सित प्रयास किया। उनकी ये चालबाजी एकजुट विपक्ष, 'इंडिया' ने भांप ली और संविधान संशोधन बिल गिर गया। हम सभी विपक्षी दलों के नेताओं का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।"

खड़गे ने आगे कहा, "मोदी-शाह अपनी राजनीति को चमकाने के लिए भारत के लोकतंत्र को तबाह करने चले थे, उनकी ये साज़िश अब औंधे मुंह गिर गई है। हम मोदी सरकार से फिर एक बार मांग करते हैं कि वो 2023 में पारित 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के अनुसार महिलाओं को 33% आरक्षण 2029 के चुनावों से ही दिया जाए। कांग्रेस पार्टी सितंबर 2023 से इसकी मांग कर रही है। यह 'नारी शक्ति' के प्रति प्रधानमंत्री जी की प्रतिबद्धता की असली परीक्षा होगी।"

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक्स पोस्ट में लिखा, "संसद में डिलिमिटेशन बिल फेल हुआ। मोदी जी के अहंकार की हार हुई। मोदी सरकार की उल्टी गिनती शुरू।"

--आईएएनएस

पीएसके

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