'संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा मतदाता के साथ ऐसा करना बेहद शर्मनाक', दिल्ली थप्पड़ मामले पर सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क बोले
नई दिल्ली, 28 सितंबर (आईएएनएस)। सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क ने दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा एक युवक को थप्पड़ मारने पर कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा मतदाता के साथ कथित घटना को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश में इस तरह की घटना होना बेहद अफसोसजनक और शर्मनाक है।
सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा एक संवैधानिक पद पर बैठे हैं। यदि किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा किसी मतदाता के साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है, तो यह केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का भी अपमान है, जिन्होंने संबंधित राजनीतिक दल को सत्ता तक पहुंचाने में भूमिका निभाई है। उन्होंने संबंधित मंत्री को बर्खास्त करने और मामले में कार्रवाई की मांग की।
बर्क ने चुनाव आयोग को लेकर भी विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच चल रहे आरोप-प्रत्यारोप पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था के प्रति जनता का विश्वास महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, यदि यह विश्वास कमजोर होता है तो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी सवाल उठ सकते हैं। उन्होंने चुनाव आयोग में फैसले लेने की प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर सवाल उठाए तथा पुराने फैसलों की समीक्षा की मांग की।
उन्होंने एक पूर्व नौकरशाह के कथित बयान का हवाला देते हुए ज्ञानेश कुमार से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग भी की। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का पक्ष उनके बयान में सामने नहीं आया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर बर्क ने कहा कि सरकार को विपक्ष और जनता की बात भी सुननी चाहिए। आतंकवाद के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आतंकवाद को किसी एक धर्म से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए और किसी भी रूप के आतंकवाद तथा नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन पर बर्क ने कहा कि दोनों दलों के बीच मिलकर चुनाव लड़ने की बात है, लेकिन सीटों और उम्मीदवारों को लेकर अंतिम निर्णय अभी बाकी है। उन्होंने गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं से सार्वजनिक बयानबाजी से बचने की अपील की, ताकि आपसी मतभेदों को लेकर भ्रम की स्थिति न बने।
--आईएएनएस
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